Moumita Bhattacharya       May 22, 2023

क्या आप जानते हैं भारत में कितने प्रकार के किले हैं?

भारत में किलों के निर्माण को सांस्कृतिक और उन्हें बनवाने वाले लोगों की प्राथमिकताओं ने हमेशा से प्रभावित किया है।

भारत को विविधताओं का देश कहा जाता है। इस वजह से यहां कई तरह के किले भी मिलते हैं। 

हम आपको भारत में बने कई तरह के किलों के बारे में बता रहे हैं। 

जल दुर्ग या वाटर फोर्ट

ये किले चारो तरफ से पानी से घिरे होते हैं जो प्राकृतिक जैसे समुद्र या नदी होते हैं, या फिर मानव निर्मित सरोवर होते हैं।

गिरी दुर्ग

इस तरह के किले या तो पहाड़ की चोटियों पर बनाए गये हैं और फिर घाटियों में जहां वे चारो तरफ से पहाड़ों से घिरे होते हैं।

वन दुर्ग

सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से बनाये गये ये किले घने जंगलों में बने होते हैं।

धान्व दुर्ग

ऐसे दुर्ग जिनके आसपास दूर-दूर तक रेगिस्तान ही फैला होता है जो विरोधी आक्रमणकारियों को तेजी से आगे बढ़ने से रोकता है।

मही दुर्ग या मड फोर्ट

इस तरह के दुर्ग भूकंप से बचाते हैं। इन किलों की दीवारे ईंट और पत्थर की बनी होती है।

नारा दुर्ग

ऐसे किले जिनकी रक्षा सैनिक करते हैं। इन किलों की प्राथमिक जिम्मेदारी दुर्जेय सेना पर होती थी।

महल दुर्ग

इन किलों के परिसर में आमतौर पर शाही परिवारों और कुलिन वर्ग के लोगों के रहने के लिए क्वार्टर बने होते थे।

शहरी किले

ये किले अक्सर दूर-दराज के क्षेत्रों से आबादी को आकर्षित करते हैं, जिससे उनके चारों ओर सामाजिक अर्थव्यवस्था जन्म लेती है।

व्यापारिक किले

इन किलों को वाणिज्य और वित्त के केंद्र के रूप में स्थापित किया गया था। कुछ मामलों में, गोदामों या व्यापार लिंक के रूप में काम करने वाली फैक्ट्रियों को सामरिक महत्व दिया गया था। भारत में यूरोपीय शक्तियों द्वारा निर्मित किले इस प्रकार के किलों का उदाहरण हैं।

भारत का एकमात्र कौन सा किला है जिसकी कोई नींव नहीं है? A. नाहरगढ़ का किला B. गागरौन किला C. आमेर का किला