Tap to Read ➤

ग्वालियर किला घूमने से पहले इन 10 बातों के बारे में जरूर जाने

1000 सालों से पहले से मौजूद यह ग्वालियर किला कि वह 10 बातें क्या है जो हर पर्यटक को किला घूमने से पहले जान लेनी चाहिए....
Sanyogita Agrahari
पिछले 1000 वर्षों से मौजूद ग्वालियर किला शहर के हर दिशा से दिखाए पड़ता है। बड़ी ही सुंदर बारीक कलाकारी से यह किला, लाल बलुए पत्थर से बना हैं।
किले में निर्मित 15वीं शताब्दी की गुजरी महल जो कि राजा मानसिंह और रानी मृगनयनी केप्रेम का प्रतीक है।
किले में प्रवेश करने के लिए दो रास्ते हैं पहला, 'ग्वालियर गेट', इस रास्ते सिर्फ पैदल चढ़ाई की जा सकती है। और दूसरा 'ऊरवाई गेट' जिसका रास्ता एक पतली सड़क से निकलता है जहां से गाड़िया भी जाती हैं।
सड़क के आस पास बडी-बडी चट्टानों पर जैन तीर्थकंरों की अतिविशाल मूर्तियां बेहद खूबसूरती से और बारीकी से गढ़ी गई हैं।
किला ग्वालियर शहर के स्मारकों में प्रमुख मना जाता है किला गोपांचल नाम की छोटी पहाड़ी पर स्थित है।
यह किला शून्य के उपयोग का दूसरा सबसे पुराना रिकॉर्ड है। इस किले का शिलालेख लगभग 1500 वर्ष पुराना है।
हर शाम किले में मान सिंह, उनकी पत्नी और अन्य लोगों के जीवन पर आधारित लाइट और साउंड शो आयोजित किया जाता है।
किले में निर्मित गुजरी महल और मान मंदिर है। जिसमें गुजरी महल रानी मृगनयनी के लिए बनवाया गया और
अब एक संग्रहालय में बना दिया गया है।
ऐसा बोला जाता है कि किले में एक इमली का पेड़ जिसे महान संगीत कलाकार तानसेन ने लगाया था।
तोमर राजपूत द्वारा बनवाया गया यह किला दसवीं सदी के इतिहास से जुड़ा है जिसे अलग अलग शासकों ने नियंत्रण किया था।
ऋषिकेश का ऐडवेंचर