INS विंध्यागिरी : नौसेना के युद्धपोत की 8 खास बातें
भारत की समुद्री ताकत को बढ़ाते हुए भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS विंध्यागिरी का जलावतरण (लॉन्च) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कोलकाता में गार्डन रीच से किया।
स्वदेशी यंत्रों से बना INS विंध्यागिरी प्रोजेक्ट 17A का छठवां फ्रीगेट (युद्धपोत) है। इस प्रोजेक्ट का आखिरी और 7वां फ्रीगेट महेंद्रगिरी का जलावतरण मुंबई में अगले महीने होने की संभावना है। INS विंध्यागिरी की 8 खासियतें आपको बता रहे हैं।
1. कर्नाटक की पर्वतश्रृंखला के आधार पर इस युद्धपोत का नाम विंध्यागिरी रखा गया है। इससे पहले प्रोजेक्ट 17A के युद्धपोत के नाम INS नीलगिरी, उदयगिरी, हिमगिरी, तारागिरी, दूनागिरी आदि रखे जा चुके हैं।
2. तकनीकी रूप से INS विंध्यागिरी काफी उन्नत है। इस परियोजना के पहले युद्धपोत का जलावतरण वर्ष 2019 में हुआ था।
3. विंध्यागिरी पी17ए मिसाइल युद्धपोत है। इसकी लंबाई 149 मीटर और वजन लगभग 6,670 टन है। यह 28 मील प्रतिघंटा की रफ्तार से समुद्र का सीना चीरते हुए आगे बढ़ सकती है।
4. विंध्यागिरी नौसेना में नयी नहीं है। यह 1981 में नेवी में शामिल और 2012 में रिटायर हुई थी। INS विंध्यागिरी इसी नाम के एंटी सबमरीन वॉयफेयर फ्रीगेट का पुनर्जन्म है।
5. इस युद्धपोत के निर्माण में इस्तेमाल किये गये उपकरण व प्रणालियों में से 75% स्वदेशी कंपनियों ने तैयार किया है। इसमें MSME भी शामिल है।
6. युद्धपोत विंध्यागिरी वायु, सतह और सतह के नीचे तीनों जगहों पर खतरों को बेअसर करने की क्षमता रखता है।
7. यह एयर डिफेंस गन, ब्रह्मोस एंटी शिप मिसाइल, एंटी सबमरीन वरुणास्त्र और एंटी सबमरीन रॉकेट लॉन्चर से लैस होगा। इस फ्रिगेट पर 2 हेलीकॉप्टर के लिए हेलीपैड और हैंगर मौजूद है।
8. नेवी के पास अभी कुल 12 फ्रिगेट्स (युद्ध पोत) हैं, जिसमें सबसे अत्याधुनिक शिवालिक क्लास फ्रिगेट होता है। शिवालिक क्लास के 3 फ्रिगेट्स नेवी के पास मौजूद है।
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