ताज महल की सतह पर जमने वाले कणों को हटाने के लिए एक बार में करीब 10 लाख रुपए खर्च होते हैं।
दरअसल ताज महल के अलावा भी तमाम इमारतें हैं, जिन पर प्रदूषण के कणों की परत जम गई है।
एक साथ सभी का अध्ययन संभव नहीं है, इसलिए सरकार ने पांच इमारतों को चुना है, जिन पर प्रदूषण की मार का अध्ययन किया जा रहा है।
बीबी का मकबरा, औरंगाबाद, महाराष्ट्र
चारमिनार, हैदराबाद, तेलंगाना
शोर मंदिर, महाबलिपुरम, कांचीपुरम तमिलनाडु
बृहदेश्वर मंदिर, तंजावुर, तामिलनाडु
सूर्य मंदिर कोनार्क, पुरी ओडिशा
2018-19 में 40502.01 लाख रु. 2019-20 में 43538.76 लाख रु. 2020-21 में 26083.41 लाख रु.