मुंबई में स्थित सिद्धि विनायक मंदिर पूरे विश्व में प्रसिद्ध है, जो 19 नवंबर 1801 को बनकर तैयार हुआ था।
सिद्धि विनायक मंदिर
पुणे में स्थित अष्टविनायक मंदिर का भी विशेष महत्व माना जाता है। यहां विराजित प्रतिमाएं स्वयंभू मानी जाती हैं।
अष्टविनायक मंदिर
इंदौर में स्थित खजराना गणेश मंदिर स्वयंभू मंदिर माना जाता है। यह मंदिर करीब 300 साल पुराना है।
खजराना गणेश मंदिर
उज्जैन में स्थित चिंतामण गणेश मंदिर के गर्भगृह में तीन प्रतिमाएं है। (पहली- चिंतामण, दूसरी- इच्छामन और तीसरी- सिद्धिविनायक गणेश)
चिंतामण गणेश मंदिर
रणथंबौर गणेश मंदिर
रणथंबौर में स्थित रणथंबौर गणेश मंदिर करीब 1000 साल पुराना माना जाता है। यह मंदिर रणथंबौर किले में स्थित है।
डोडा गणपति मंदिर
बैंगलोर में स्थित डोडा गणपति मंदिर भी देशभर में जाना जाता है।
गंगटोक में स्थित गणेश टोक मंदिर अपनी खूबसूरती के लिए जाना जाता है। मंदिर परिसर में गणेश जी की विशाल प्रतिमा मौजूद है।
गणेश टोक मंदिर
उत्तरकाशी में स्थित डोडीताल के पास गणेश जी (डोडी राजा) का मंदिर है। यहां पर सिद्धि विनायक का जन्म स्थान माना जाता है।
डोडीताल का मंदिर
मधुर महागणपति मंदिर
केरल मधुवाहिनी नदी के तट पर स्थित मधुर महागणपति मंदिर करीब 1100 साल पुराना है। इस मंदिर की मूर्ति को लेकर आज तक रहस्य बना हुआ है कि आखिर ये किस चीज की बनी है।
मनकुला विनायगर मंदिर
पुडुचेरी में स्थित मनकुला विनायगर मंदिर देश के प्राचीन मंदिरों में से एक है। इस मंदिर की मूर्ति को कई बार समुद्र में फेंका गया लेकिन बार-बार मंदिर में प्रतिमी प्रकट हो जाती थी।