Moumita Bhattacharya       Dec 12, 2023

शाहजहाँ का एक सवाल- हरम की 4 बांदी हुईं मालामाल

मुगलकाल में हरम आगे बढ़ने की सीढ़ी हुआ करती थी। बादशाह जिससे खुश हो गया उसके दिन ही बदल जाते थे।

बादशाह शाहजहाँ के बस एक सवाल का जवाब देकर हरम की 4 बांदी अलग-अलग विभागों की मुखिया बन गयी।

एक बार अहले सुबह शाहजहाँ की नींद खुल गयी। शाहजहाँ ने चार बांदियों के कमरों का दरवाजा खटखटाया और उनसे एक ही सवाल पूछा।

शाहजहाँ ने चारों बांदियों से पूछा सुबह होने में कितना वक्त बाकी है? चारों ने सुबह होने में देर होने की बात तो कही लेकिन अपनी अलग-अलग वजह भी बतायी।  

पहली ने कहा, "मेरे मुंह में अभी भी पान है, मतलब सुबह होने में देर है।" दूसरी ने कहा, "सुबह के समय मोमबत्ती की रोशनी इतनी चटक नहीं होती है।"

तीसरी ने कहा, "सुबह होने में देर हैं क्योंकि मेरी कंगन के मोती अभी पूरी तरह ठंडे नहीं हुए।" चौथी, जो मुंहफट थी, ने कहा, "मुझे सुबह शौचालय जाने की जरुरत होती है। अभी तक ऐसा नहीं लग रहा।"

शाहजहाँ चारों के जवाब से संतुष्ट हो गया और अगले ही दिन उसने चारों को नये पद पर नियुक्त कर दिया।

पहली बांदी पान लगाने वाले विभाग, दूसरी रोशनी विभाग, तीसरी जेवरों के विभाग की और चौथी हमाम की मुखिया बना दी गयी।  

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