Moumita Bhattacharya Jul 11, 2023
मॉनसून में जरूर पढ़ें खूनी झरने का रहस्य
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बारिश शुरू होते ही देश भर के वॉटरफॉल्स यानी झरने पानी से गुलज़ार हो गए हैं। सेल्फी लेने वालों का तांता लगा है।
लेकिन ज़रा सोचिए, जिस झरने के नीचे आप नहा रहे हों, उसमें अगर लाल पानी आने लगे तो कैसा हो।
जी हां, धरती पर एक ऐसा झरना मौजूद है, जहां पानी नहीं खून आता है। अरे, खून मतलब लाल रंग का पानी।
यह खूनी झरना पृथ्वी के सबसे दक्षिणी छोर पर स्थित अंटार्कटिक महाद्वीप में है।
ना तो इस महाद्वीप पर कोई रहता है और महीनों तक यहां सूर्य की रोशनी भी नहीं पहुंचती, तो फिर लाल रंग का बहता पानी आखिर क्या है?
बर्फ की मोटी चादर से ढके इस क्षेत्र में लाल रंग के भंडार का सबसे पहले पता ऑस्ट्रेलियाई ज्योलॉजिस्ट थॉमस ग्रिफिथ टेलर ने 1911 में लगाया था।
उस समय वैज्ञानिकों ने लाल रंग का कारण लाल शैवाल (Algae) को बताया था, जिसे बाद में नकार दिया गया था। वैज्ञानिकों ने इस ग्लेशियर के पानी पर शोध किया।
शोध में इस पानी में लोहे की प्रचुरता के साथ ही कई प्रकार के खनीज जैसे कैल्सियम, सिलिकॉन, एल्यूमिनियम, सोडियम भी मिले हैं।
सोडियम की उपस्थिति की वजह से ही यह झरना बहता रहता है, वर्ना यहां मौजूद दूसरे झरनों की तरह यह जम जाता।
भारत का सबसे ऊंचा Waterfall कौन सा है?
A. नोहस्गिथियांग Waterfall
B. कुंचिकल Waterfall
C. बरेहीपानी Waterfall
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