पंजाब के अमृतसर शहर को कौन नहीं जानता, यहां का स्वर्ण मंदिर और गुरुद्वारा का लंगर विश्व प्रसिद्ध है, जो नहीं जानते हैं, वो हैं अमृतसर के नाम जो समय के साथ बदलते गये...
Ajay Mohan
इस स्टोरी में अमृतसर से जुड़ी जानकारी का स्रोत गुरु काशी विश्वविद्यालय में 2019 में हुए एक शोध का शोध-पत्र है। यह शोध डा. जतिंंदर सिंंह ने किया था।
सूचना का स्रोत
उदासी संप्रदाय के अनुसार अमृतसर शहर को नाम गुरु नानक देव के पुत्र चांद दिया था। एक बार गुरु अमरदास ने कहा था, लाहौर अमृतसर सिफती दा घर...
उसरितसर- आज़ादी से पहले ब्रिटिश हुकूमत के कई दस्तावेजों में अमृतसर की जगह उसरितसर लिखा है।
करीब 400 साल पहले गुरु रामदास के नाम पर इसका नाम रामदासपुर पड़ा।
500 साल पहले गुरु नानक देव के नाम पर इस शहर को पंचवटी नाम दिया गया।
द्वापर युग में इस शहर को मुक्तसार लार्द कहा जाता था।
विश्तफकसर - यह नाम सूर्य के पौत्र राजा विश्तफक के नाम पर पड़ा।
शुओनगर - करीब 26 लाख साल पहले राजा शुप के नाम पर यह नाम था।