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सिक्किम स्थापना दिवस पर राज्य से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

सिक्किम साल 1642 में वजूद में आया, जब फुन्त्सोंग नामग्याल को तीन बौद्ध भिक्षुओं द्वारा सिक्किम का पहला राजा घोषित किया गया. इसके बाद से ही सिक्किम में राजतंत्र की शुरुआत हुई।
16 मई 1975 से पहले सिक्किम एक स्वतन्त्र राज्य था, जहां नामग्याल राजवंश द्वारा करीब 350 सालों तक राज किया गया।
इसकी लोकप्रियता का कारण यहां के सुंदर पर्यटन स्थल है, जो आपको अपनी ओर खींच ही लेते हैं। दुनियाभर के लोग इसकी खूबसूरती के कायल हैं।
बर्फ से ढकी यहां की पहाड़ियां पर्यटकों का काफी सुकून देती है। इसे 'पूर्व का स्विट्जरलैंड' कहा जाता है।
बर्फ से ढकी पहाड़ियां
सिक्किम में ट्रेकिंग करने के लिए 'माउंट कटाओ' एक शानदार जगह है, जहां आप स्नोबोर्डिंग व स्टोन ट्यूबिंग जैसी एक्टिविटीज कर सकते हैं।

भारत का दूसरा सबसे छोटा राज्य सिक्किम है। हिमालय की खूबसूरती के अलावा दुनिया के तीसरे सबसे ऊंचे पर्वत शिखर 'कंचनजंगा' के लिए भी जाना जाता है।
प्राकृतिक दृश्य
चांगू लेक में जो प्राकृतिक दृश्य आपको देखने को मिलते हैं, वो किसी जन्नत से कम नहीं लगते। इसी लेक से होते हुए आप 'नाथू ला दर्रा' जा सकते हैं।
अंतर्राष्ट्रीय महत्व के लिए जाना जाने वाला 'नाथू ला दर्रा' से ही कैलाश मानसरोवर की यात्रा की शुरुआत की जाती है। यहां आपको दोनों देशों- भारत व चीन के सैनिक देखने को मिल सकते हैं।
गंगटोक-लाचुंग हाईवे पर पर्यटकों के लिए बेहतरीन गिफ्ट कै तौर पर 'सेवन सिस्टर्स वाटर फॉल्स' मौजूद है, जो सात चरणों में पहाड़ से नीचे की ओर बहती है।
बौद्धधर्म को निकट से देखने और समझने के लिए आप रुमटेक मोनेस्ट्री जा सकते हैं। ये एक ब्लैक हैट संप्रदाय का मुख्य मठ है जो कि 300 साल पुराना है।
रुमटेक मोनेस्ट्री
कालका-शिमला रेल स्टोरी