Moumita Bhattacharya       Jun 20, 2023

पर्यटकों को दीवाना बनाते हैं उत्तराखंड के ये WaTerfalls

उत्तराखंड को देवभूमि के नाम से भी जाना जाता है। इस राज्य का अधिकांश हिस्सा पहाड़ों से घिरा हुआ है। इस वजह से यहां झीलों और झरनों की संख्या भी काफी अधिक है।

मानसून के समय इन Waterfalls की खूबसूरती ऐसी होती है कि ये पल भर में किसी को भी अपना दीवाना बन सकती हैं।

हम आपको उत्तराखंड के Waterfalls के बारे में बता रहे हैं। तो अगली बार जब आप उत्तराखंड जाएं तो इन Waterfalls पर जरूर घूमने जाएं।

बिर्थी झरना

पिथौरागढ़ से मुनिस्यारी जाने के रास्ते में बिर्थी झरना पड़ता है। इस झरने को जो भी देखता है, बस एकटक देखता ही रह जाता है। मानसून के समय इस झरने का पानी दूर सड़क तक को भिगो देती है। यहां फोटो खींचने और मैगी प्वाएंट पर मैगी खाना मत भूलिए। 

टाइगर फॉल्स

देहरादून से करीब 2-3 घंटे की दूरी पर टाइगर फॉल्स है। यह उत्तराखंड का एक Hidden Gem है, जहां काफी कम लोग आते हैं। इस वजह से यहां लोगों की भीड़ कम होगी और आप आराम से झरने के ठंडे पानी का आनंद उठा सकेंगे।

अत्रि मुनि झरना

चमोली जिले के चोपता में 70 मीटर ऊंचा अत्रि मुनि झरना है। इस झरने के ठीक बगल में अत्रि मुनि की गुफा है, जहां तक पहुंचने की ट्रेकिंग बेहद मुश्किल भरा है। जंगलों से होकर जाने वाले इस रास्ते में झरने तक पहुंचने के लिए दो पत्थरों के बीच से रेंगकर जाना पड़ता है।

वसुधरा झरना

बद्रीनाथ से करीब 8 किमी दूर स्थित वसुधरा झरना 400 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरता है। इस झरने की खासियत है कि इसके नीचे आने वाले हर व्यक्ति पर झरने का पानी नहीं गिरता है। कहा जाता है कि पापी लोगों पर झरने का पानी नहीं गिरता है। झरने से कई रहस्य भी जुड़े हुए हैं।

राथीं झरना

पिथौरागढ़ से धारचुला 92 किमी दूर है और इसी रास्ते के बीच में पड़ता है राथीं झरना। यह मुख्य सड़क के ठीक बगल में पहाड़ से नीचे बहता है। इस झरने की खूबसूरती किसी जन्नत से कम नहीं है। इस झरने में घूमने जाने का मौका बिल्कुल मत छोड़िएगा। 

देश का एक मात्र Pure Vegetarian शहर कौन सा है?

A. कटरा, जम्मू-कश्‍मीर B. पालीताना, गुजरात C. टनकपुर, उत्तराखंड