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विस्टाडोम कोच क्या है?

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Kishan Gupta
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भारतीय सरकार की ओर से ट्रेनों में विस्टाडोम कोच की शुरुआत की गई है, जो यूरोपियन तर्ज पर बनाए गए हैं।
इनकी छतें कांच की होती है और इसकी सीटें 180 डिग्री के एंगल पर घूम सकती हैं, ताकि पर्यटक यात्रा का भरपूर आनंद ले सकें।
विस्टाडोम कोच में हर यात्री के लिए मोबाइल चार्जिंग सॉकेट की सुविधा दी जाती है।
इसके दरवाजे ऑटोस्लाइडिंग की तकनीक पर काम करते हैं।
दिव्यांगों का खास ख्याल रखते हुए इसके दरवाजें भी काफी बड़े बनाए गए हैं।
प्रत्येक कोच यात्रियों के लिए फ्रिज से लेकर माइक्रोवेव तक रखा होता है, ताकि यात्री गर्म खाना और ठंडा पानी ले सकें।
हर सीट के लिए अलग-अलग स्पीकर वाले डिजिटल डिस्प्ले तकनीक सिस्टम भी होते हैं, ताकि यात्री मनोरंजन कर सकें।
इसमें लगा टॉयलेट इको फ्रेंडली होता है, जिससे किसी यात्री को असुविधा ना हो। इसके लिए कोच में बायो टैंक भी लगा रहता है।
विस्टाडोम कोच में पैसेंजर इन्फॉर्मेशन सिस्टम के अलावा वाईफाई की भी सुविधा होती है।
पहली विस्टाडोम कोच मुंबई-पुणे रूट पर 26 जून 2021 को चलाई गई थी।
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