राजस्थान में स्थित जोधपुर, एक ऐसा शहर जहां अधिकतम घरों का रंग नीला है क्या है इन नीले घरों का कारण जानने के लिए आगे पढ़े...
Sanyogita Agrahari
राजस्तान जैसे रजवाड़े शहर की शान बढ़ता है, जोधपुर जहां के अधिकतम घरों का रंग नीला है। इसीलिए, जोधपुर को "ब्लू सिटी" के भी नाम से जाना जाता है।
मेहरानगढ़ किले से इस शहर का नजारा कुछ अलग सा ही प्रतीत होता है। ऐसा लगता है, जैसे किसी ने आसमान को धरती पर बिछा दिया हो।
जोधपुर में अधिकतम घरों के नीले होने का लोगों में अलग अलग विश्वाश है। जैसे,
जोधपुर शहर रेगिस्तान के बीचों बीच बसा हुआ है। यह एक कारण है कि लोग गर्मी से बचने के लिए अपने घरों का रंग नीला रखते है।
कई बड़े बुजुर्गो का यह भी मानना है कि नीला रंग भगवान शिव का है।समुंद्र मंथन के समय जब शिव जी ने विष पिया तो उनका शरीर नीले रंग का होगया जिससे शिव के भक्त नीले रंग को पवित्र रंग से जोड़ते है । लोगों के घर में पवित्रता कायम रहे इसीलिए शायद घरों का रंग नीला है।
कुछ निवासियों का यह भी मनाना है कि नीला रंग कीड़ों और दीमको को दूर रखता है। ऐसा बोला जाता है, इस शहर के कई ऐतिहासीक इमारतों को दीमोको ने खराब कर दिया। इस कारण से भी यहां के घर नीले है।