एक तरफ मई-जून के हिटवेव वाले महीने में भी हमेशा ठंडी बनी रहने वाली बेंगलुरु शहर और वहीं दूसरी तरफ आग के गोले बरसाती दिलवालों की दिल्ली।
आखिर गर्मियों के मौसम में भी दिल्ली की तुलना में बेंगलुरु ठंडी क्यों बनी रहती है? चलिए हम इसकी वजह आपको बताते हैं।
गर्मियों में दिल्ली का तापमान 25°C से 45°C तक पहुंच जाता है जबकि बेंगलुरु का तापमान 14°C से 32°C के बीच में ही रहता है।
दिल्ली में राजस्थान से आने वाली रेतिली और गर्म लु के थपेड़ों का काफी ज्यादा असर होता है।
दूसरी तरफ बेंगलुरु पृथ्वी के दक्षिण गोलार्द्ध में होने की वजह से वहां किसी भी मौसम का प्रभाव देर से और काफी कम पहुंचता है।
दिल्ली में मानसून काफी देर से आती है जबकि बेंगलुरु को मानसून का केंद्र माना जाता है। यहां तापमान के थोड़ा ऊपर जाते ही बारिश शुरू हो जाती है।
समुद्रतल से दिल्ली की ऊंचाई 239 मीटर है जबकि बेंगलुरु 920 मीटर ऊंचा है। हम सभी जानते हैं अधिक ऊंचाई पर तापमान घटता जाता है, जैसा पहाड़ी इलाकों में होता है।
दिल्ली उत्तर में स्थित होने की वजह से गर्मियों में उत्तरी अक्षांश सूर्य के धूप से अधिक प्रभावित होती है।
यहीं वजह है कि गर्मियों में दिल्ली में लू से जीना मुहाल हो जाता है जबकि बेंगलुरु लू के प्रभाव से बची रहती है।
बेंगलुरु तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और ओडिशा जैसे समुद्रतटिय राज्यों के नजदीक बसा हुआ है। चक्रवाती लहरों की वजह से ही बेंगलुरु में बारिश भी ज्यादा होती है।