कृष्ण मंदिर या लक्ष्मी नारायण मंदिर शहर के बीच में स्थित है। महाराजा बीरेन्द्र किशोर माणिक्य द्वारा बनवाया गया यह मंदिर उज्जयंता महल के मुख्य प्रवेश द्वार के पास स्थित है। अगरतला के अन्य पर्यटन स्थलों की तुलना में यहां सबसे ज्यादा पर्यटक आते हैं।
यहां के राजा भगवान कृष्ण के भक्त थे और उन्होंने इस मंदिर के अलावा महल के चारों ओर अन्य मंदिरों का निर्माण करवाया था। चूंकि भागवत गीता के अनुसार भगवान कृष्ण और तामल वृक्ष के बीच गहरा संबंध है, इसलिए इस मंदिर में आप तामल वृक्ष भी देख सकते हैं।
हर दिन शहर से हजारों लोग इस मंदिर में आशिर्वाद लेने आते हैं। मंदिर की वास्तुशिल्पीय शैली को देख आप खुद इस बात का अंदाजा लगा लेंगे कि इसमें प्रचीन और आधुनिक कला का बेजोड़ संगम है। यह मंदिर त्रिपुरा राजाओं के गौरवशाली अतीत का जीता जागता उदाहरण है।



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