अगरतला से 100 किमी दूर स्थित पिलक एक छोटा सा कस्बा है। यहां पाए जाने वाले 7वीं व 8वीं शताब्दी के पुरातात्विक अवशेष के कारण इस शहर को प्रसिद्धि मिली है। इसके अलावा पिलक हिन्दू के साथ-साथ बौद्ध धर्म का भी तीर्थ स्थल है। पिलक दक्षिण त्रिपुरा के बेलोनिया सब-डिविजन के अंतर्गत आता है।
यहां के पुरातात्विक अवशेषों से पता चलता है कि सदियों पहले यह स्थान सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद समृद्ध रहा होगा। यहां टेराकोटा से बनी हिंदू और बौद्ध मूर्तियां पाई गई है। टेराकोटा से बनी इन मूर्तियों में स्तूप शैली से बना सीलिंग है, जिससे ऐसा कहा जाता है कि यह मूर्तियां हिंदू धर्म के भगवान अवलोकीतेश्वर और नरसिम्हा की हो सकती है। ये मूर्तियां इस बात का भी प्रमाण है कि इसे किसी नास्तिक ने बनवाया होगा, जिससे उन्होंने हिंदू और बौद्ध दोनों धर्मों को प्रदर्शित किया।
अगरतला से पिलक पहुंचने के लिए बस और टैक्सी का सहारा लिया जा सकता है। यहां का नजदीकी रेलहेड कुमारघाट में है, जबकि नजदीकी एयरपोर्ट अगरतला में है।



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