अल्मोड़ा से 5 किमी दूर स्थित कसार देवी मंदिर एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थान है। स्थानीय लोगों की माने तो दूसरी शताब्दी में बना यह मंदिर 1970 से 1980 की शुरुआत तक डच संन्यासियों का घर हुआ करता था। चूंकि यह मंदिर हवाबाघ की सुरम्य घाटी में स्थित है, इसलिए यह जगह पिकनिक के लिए भी काफी लोकिप्रय है। ऐसी मान्यता है की रामकृष्ण मठ और रामकृष्ण मिशन की स्थापना करने वाले महान भारतीय संन्यासी स्वामी विवेकानंद ने इस मंदिर में एक बार ध्यान किया था। इस मंदिर तक पहुंचने के लिए कालीमठ शहर से पैदल यात्र करनी पड़ती है। वहीं कालीमठ के लिए अल्मोड़ा से बस और टैक्सी आसानी से मिल जाती है।



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