1200 मीटर की ऊँचाई पर स्थित दीवान-ए-ख़ास को ऑडिएंस हॉल (श्रोतागण कक्ष) के नाम से भी जाना जाता है और यह सोलन जिले में स्थित अरकी का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। इसका निर्माण 1830 में अरकी के शासक और कला के प्रसिद्ध संरक्षक राम शरण सिंह ने किया था।
दीवान-ए-ख़ास कांगड़ा, राजस्थानी, अरकी, कुल्लू और यूरोपीय शैलियों में बने भित्ति चित्रों से सुसज्जित हैं। हॉल में फूलों के चित्र और महिलाओं की छोटी मूर्तियाँ गुलेर शैली का मजबूत प्रभाव प्रदर्शन करती हैं।
दीवान-ए-खास में मौजूद भित्ति चित्रों का विषय चीनी चित्र, पंजाबी लोक कला, रागिनियाँ, प्यार के कामुक दृश्य, युद्ध के दृश्य, पशु, पक्षी और पुराणों की कथाएं आदि हैं। हॉल में उपस्थित कला के सभी चित्र अरकी की समृद्ध कलात्मक विरासत के साक्षी हैं।



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