समुद्रतल से 23490 फीट ऊपर स्थित त्रिशूल पर्वत, औली का एक प्रमुख आकर्षण है। इस पर्वत का नाम भगवान शिव के त्रिशूल से प्राप्त है। यह जगह भारत-तिब्बती सीमा पुलिस बल के जवानों के लिए ट्रेनिंग का मैदान भी है। एक रहस्यमयी जलाशय, रूपकुंड झील इस पर्वत के नीचे स्थित है। इस झील में मनुष्यों और घोड़ों के लगभग 600 कंकाल पाए गए थे। यह पर्वत कौसनी और बेदिनी बुग्याल से भी दिखाई देता है।



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