भोजपुर बिहार का एक जिला है जिसका प्रशासनिक कार्यालय अर्रह में है। यह माना जाता है की शब्द अर्रह एक संस्कृत शब्द ' अरण्य ' से लिया गया है जिसका अर्थ है जंगल। भोजपुर से जुड़े हुए प्रसिद्ध व्यक्तियों की फेहरिस्त काफी लम्बी है। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, ऋषि विश्वामित्र जो की भगवन राम के कुल गुरु थे उन्होंने इस क्षेत्र में शरण ली थी।
अगर आधुनिक इतिहास में झांके तो भोजपुर का नाम आपको भारत की आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते दिखाई देगा। यह भूमि स्वतंत्रता संग्राम में में भाग लेने वाले कई महत्वपूर्ण स्वतंत्रता सेनानियों का जन्मस्थान था। सन और गंगा नदी इस जिले में पानी की आपूर्ति का प्रमुख स्रोत हैं।
भोजपुर का पर्यटन अपने समृद्ध साहित्य और आला सिनेमा के लिए चर्चा में रहता है। भोजपुर में कई मशहूर साहित्यकार जैसे मुंशी सदासुख लाल , सैयद इशौतुल्लाह , लल्लू लाल और सदल मिश्रा अपने साहित्य 'खड़ी बोली ' के लिए मशहूर है। भोजपुरी सिनेमा ने अपने आप को एक विशिष्ट स्वाद में विकसित किया है। भोजपुरी फिल्मों काफी व्यापक भी है और इसके दर्शकों की संख्या भी।
कृषि की दृष्टि से भोजपुर उपजाऊ जगह है जहाँ उगाई जाने वाली मुख्य फसलें धान, गेहूं और तेल की हैं। नदियों से आये पानी से फसलों की सिंचाई की जाती है। भोजपुर की ऐतिहासिक महत्वता से भोजपुर पर्यटन में काफी विकास हुआ है। आज भी आपको भोजपुर में घोडा गाड़ी देखने को मिलेगी।
भोजपुर में और आसपास के पर्यटक स्थल
यहाँ घूमने लायक कई महत्वपूर्ण स्थान है जैसे जगदीशपुर में स्थित कुंवर सिंह का किला , आरा का मेडिकल कॉलेज, महादेव का जैन मंदिर, और अरण्य देवी मंदिर। जिले का मौसम हल्का चरम पे रहता है और अप्रैल और मई के महीनों में बहुत गर्मी पड़ती है।
भोजपुर मौसम
भोजपुर का मौसम अत्यंत गर्म और नम रहता है। हालाँकि, सर्दियाँ यहाँ ठन्डी रहती है।
भोजपुर यात्रा करने के लिए सबसे अच्छा समय
भोजपुर आने का सबसे आदर्श समय सर्दियों के तुरंत बाद का है।



Click it and Unblock the Notifications