उड़ीसा स्टेट म्यूजियम दो महान इतिहासकार प्रोफेसर घनश्याम दास और प्रोफेसर एनसी बनर्जी के अथक प्रयास का नतीजा है। 1932 में उन्होंने पुरातात्त्विक संपदाओं के संग्रहण का काम शुरू किया था। 1938 में ओडिशा सरकार ने इस संग्रहालय को अपने अंतर्गत ले लिया। उस समय इसे प्रांतीय म्यूजियम के नाम से जाना जाता था।
तब से लेकर अब तक इस संग्रहालय ने खूब लोकप्रियता अजिर्त की। यहां आप कुछ दुर्लभ प्रतिमा, मुद्राशास्त्र, टेराकोटा की चीजें व तांबे की थाली, ललित कला के कुछ उदाहरण और अन्य दूसरी चीजें देख सकते हैं। म्यूजियम में कुछ पुराने और दुर्लभ सिक्कों का भी बेहतरीन संकलन है।
1947-48 में इस म्यूजियम को कटक से भुवनेश्वर शिफ्ट कर दिया गया। 1960 से इस म्यूजिय ने यहां काम काम करना शुरू किया और इसका नाम बदल कर उड़ीसा स्टेट म्यूजियम रखा गया।



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