बादामी पर्यटन या वातापी – चालुक्य राजवंश की राजधानी
बादामी उत्तर कर्नाटक के बागलकोट जिले का एक प्राचीन शहर है। यह शहर जो वातापी के नाम से भी जाना जाता है 6 वीं से 8 वीं शताब्दी तक चालुक्य राजवंश की राजधानी था। बादामी या वातापी का......
हम्पी पर्यटन – खंड़हरों की सैर
जब आप हम्पी का नाम सुनते हैं, तो आप तुरंत प्रसिद्ध अवशेषों के बीच विजयनगर के विशाल शहर की सुंदर वास्तुकला के बारे में सोचते हैं। विजयनगर साम्राज्य की राजधानी और शान से होयसल की......
गडग पर्यटन - चालुक्य जीवन का एक शानदार प्रदर्शन
गडग कर्नाटक के पश्चिमी कोने में दूर इतिहास के एक टुकड़े की तरह बसा हुआ है। 4656 वर्ग किलोमीटर के इस छोटे से शहर में पर्यटकों की चहलकदमी की आवाज भले ही सुनाई नहीं देती हो भारतीय......
शिवगिरी - तूफानी करने का शौक करें पूरा
शिवगिरी, प्रकृति पंसद लोगो के लिए परफेक्ट जगह है। घने काले जंगलों में घिरा शिवगिरी, येममेदोदी गांव के निकट होगरेकानगरी पहाडि़यों से घिरा हुआ है। यह इलाका चिकमागलुर जिले के......
कोप्पल पर्यटन – तीर्थयात्रियों का पसन्दीदा स्थल
बलुये पत्थर से बने मन्दिर कोप्पल की भूमि की खास पहचान हैं। कोप्पल बैंग्लोर से 300 किमी से ज्यादा की दूरी पर स्थित है और शहर के मन्दिरों का धार्मिक के साथ-साथ इसकी स्थापत्य कला......
ऐहोल-पत्थरों की वास्तुकला का नायाब नमूना
अगर आप आस्थावान है और पुरानी कलाओं के कद्रदान है तो ऐहोल घूमने जरूर जाएं। पुरातत्व प्रेमियों को सच में इस जगह से प्यार हो जाएगा। कर्नाटक राज्य के बंगलौर शहर......