ब्रह्मवर्त घाट, गंगा नदी के किनारे कन्नौज रोड़ पर स्थित है। इस शांत जगह का महान धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व है। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान ब्रह्मा ने अपने निवास स्थान के रूप में बिट्ठुर को चुना था और यहीं उन्होने मानव जाति का सृजन किया था।
इस घटना के बाद से ही इस स्थल को ब्रह्मवर्त घाट के रूप में जाना जाने लगा। वैसे इसे ब्रह्मा की गद्दी के नाम से भी स्थानीय लोग पुकारते है। बाद में, भगवान ब्रह्मा ने इस घाट पर एक शिवलिंग की स्थापना भी की थी, जिसे वर्तमान में ब्रह्मेश्वर महादेव के नाम से पूजा जाता है। यहां घोड़े का एक नाखून भी रखा हुआ है, जिसे भक्तों के द्वारा काफी महत्व दिया जाता है। माना जाता है कि यह नाखून भगवान ब्रह्मा के घोड़े के पैर का नाखून है।



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