दांदेली की यात्रा पर आये पर्यटकों को दांदेली वन्यजीव अभ्यारण्य अवश्य आना चाहिये जो कि इस शहर का प्रमुख आकर्षण है। एक चयनित वन क्षेत्र को 10 मई 1956 में दांदेली वन्यजीव अभ्यारण्य माना गया जिसे सन् 2006 में दांदेली अन्शी टाइगर रिज़र्व के रूप में घोषित किया गया। इस अभ्यारण्य में पहुँचने पर पर्यटकों को खड़ी चढ़ाइयों, गहरी घाटियों और पहाड़ी वन क्षेत्रों को देखने का मौका मिलता है।
यह अभ्यारण्य 834.16 वर्ग किमी के क्षेत्र में फैला है और 100 से 970 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। यह अभ्यारण्य काले तेन्दुयें जैसे कई अनोखे और दुर्लभ प्रजातियों का घर है। पर्यटक यहाँ पर भौंकने वाले हिरन, साँभर, चित्तीदार हिरन जैसे जंगली जानवरों के साथ-साथ पीले पैर वाले कबूतरों, ग्रेट पाइड हॉर्नबिल, क्रेस्टेड सर्पेन्ट ईगल और पीफाउल जैसे पक्षियों को देख सकते हैं।
यहाँ पर पक्षियों की लगभग 200 प्रजातियाँ पाई जाती हैं जिनमें ऐशी स्वालो श्राइक, ड्रॉंगो, ब्राहमिनी काइट, मालाबार हॉर्नबिल और मिनीवेट शामिल हैं। पर्यटक अभ्यारण्य के जंगल में ट्रेकिंग के साथ-साथ नौकायन भी कर सकते हैं। अभ्यारण्य में आने का सबसे बढ़िया समय अक्टूबर से जून के महीनों के बीच का है।
पर्यटक प्रशिक्षित गाइडों की सहायता से अभ्यारण्य को खुली जीप से देख सकते हैं। अगर समय हो तो पर्यटकों को दांदेली वन्यजीव अभ्यारण्य के पास ही स्थित अन्शी राष्ट्रीय उद्यान भी जाना चाहिये।



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