गांधी स्मृति या गांधी स्मृति संग्रहालय वह स्थल है जहां राष्ट्रपिता, महात्मा गांधी ने अपने जीवन के आखिरी 144 दिन बिताएं थे। गांधी स्मृति को पहले बिड़ला हाउस या बिड़ला भवन के नाम से पुकारा जाता था। यह वह जगह भी है जहां 30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
इस घर को केंद्रीय सरकार ने 1971 में अपने कब्जे में कर लिया और आम जनता के लिए 15 अगस्त 1973 को खोल दिया। यहां एक शहीद स्तंभ भी है जहां महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। संग्रहालय में महात्मा गांधी के जीवन और मृत्यु से संबंधित कई लेख भी दर्शाए गए हैं।
संग्रहालय में तस्वीरों को विशाल संग्रह है और उनके द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली किताबें व अन्य सामान भी रखा गया है। मूलत: यह घर बिड़ला परिवार का था, जहां महात्मा गांधी दिल्ली आने के दौरान रूका करते थे। इस संग्रहालय के बाहर एक खंभा है जिस पर एक स्वास्तिक चिन्ह् और ओम का प्रतीक बना हुआ है।
अगर आप शांति का दूत महात्मा गांधी, के जीवन को महसूस करना चाहते हैं तो इस जगह अवश्य जाएं। इस जगह की शांति और ठहरा हुआ वातावरण आपको यहां और समय बिताने के लिए प्रेरित करता है। यह संग्रहालय सोमवार और अन्य राष्ट्रीय अवकाश के दौरान बंद रहता है और सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक खुला रहता है।



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