धर्मस्थल, कर्नाटक राज्य में बसा छोटा सा गांव है जो नेत्रावती नदी के तट पर स्थित है। यह गांव अपने धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के कारण जाना जाता है। यहां स्थित हर मंदिर में हिंदू धर्म के प्रत्येक भगवान को समर्पित एक मूर्ति है। श्रद्धालु पूरे मन से यहां दर्शन करने आते है। गांव में कई प्राचीन पांडुलिपियों का उल्लेख मिलता है जिनको वहां जाकर देखा जा सकता है। राज्य के कई शहरों से बसों द्वारा जुड़े होने के कारण श्रद्धालुओं को आने में असुविधा का सामना नहीं करना पड़ता है।
मंदिरों और बासादी का शहर
धर्मस्थल, धार्मिक सह-अस्तित्व का एक उम्दा उदाहरण है। यह मंदिर न केवल अपनी प्राचीन बनावट के लिए प्रसिद्ध है बल्कि इसलिए भी कि इस मंदिर की देखरेख जैन धर्म के लोग करते हैं जबकि प्रतिदिन की पूजा हिंदू पुजारियों द्वारा की जाती है। दूसरा आकर्षण है- आठ जैन बसाड़ी और 11मीटर ऊँची बाहुबली की मूर्ति। 175टन की यह मूर्ति एक ही पत्थर से तराशी गई थी। इस गाँव में प्राचीन पाण्डुलिपियों का भंडार है। ये धर्मस्थल के पुरातत्व स्थलों से प्राप्त की गई और एक संग्रहालय में रखी गई हैं। यहाँ एक अनोखा कार म्यूजि़यम भी है जो पुरानी कारों के शौकीनों को ज़रूर आकर्षित करेगा।
कैसे जाएं धर्मस्थल
धर्मस्थल, बंगलोर से 300कि.मी. दूर है लेकिन यहाँ पहुँचना बहुत आसान है। यह जगह उडुपी से 100कि.मी. और मंगलोर से 70कि.मी. दूर है। यहाँ से हररोज़ अनेक बसें तीर्थयात्रियों को धर्मस्थल तक ले जाती हैं। बंगलोर से धर्मस्थल तक सड़कमार्ग से जाने पर 6 घंटे लगते हैं।
धर्मस्थल जाने का सबसे अच्छा समय
अक्टूबर से मार्च का समय धर्मस्थल जाने का सबसे अच्छा समय है।



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