जालंधर समुद्र तट, दीव के शहर से सिर्फ एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस तट का नाम एक पौराणिक राक्षस के नाम पर रखा गया है जिसका मंदिर पास में स्थित एक पहाड़ी पर रखा गया है। शास्त्रों के अनुसार, जालंधर का वध भगवान विष्णु द्वारा सुदर्शन चक्र से किया गया था। पास में स्थित अन्य मंदिर देवी चंद्रिका को समर्पित है।
जालंधर समुद्र तट, सुंदरता, शांति और सौहार्द का स्वर्ग है। जो पर्यटन नरम रेत पर मौज - मस्ती करते हुए अपनी छुट्टियां बिताना चाहते है उनके लिए जालंधर तट एक आदर्श गंतव्य स्थल है। यहां आकर पर्यटक रेत के नरम स्पर्श को महसूस करने के अलावा पूरे दिन समुद्र के हिलोरों को भी देख सकते है। तट पर स्थित पॉम के वृक्ष ठंडी - ठंडी छाया देते है जिसके नीचे लेटकर समुद्र की सुंदरता को निहारा जा सकता है।
इस तट का पानी काफी शांत और साफ रहता है इसलिए अगर पर्यटक वॉटर स्पोट्स में ज्यादा रूचि रखते है तो यहां पानी के कई खेलों का लुत्फ भी उठा सकते है। यह समुद्र तट शहर के काफी नजदीक स्थित है जिसे सौंदर्यीकरण और रोशन व्यवस्था से अधिक आकर्षक बना दिया गया है। रात में इस तट का नजारा दिल थाम लेने वाला होता है। ठंडी हवा, जगमगाती रोशनी, बलखाता सागर मूड को अपने आप प्यारा और रोमेंटिक बना देता है।



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