Search
  • Follow NativePlanet
Share
होम » स्थल » एलोरा » आकर्षण » बौद्ध गुफाओं के ग्रुप

बौद्ध गुफाओं के ग्रुप, एलोरा

11

गुफा 1- पहली गुफा काफी नक़्क़ाशीदार है। यह एक बौद्ध मठ की ओर पश्चिम में बनाई गई है। इस गुफा में कोई मूर्ति नहीं है।

गुफा 2- इस गुफा को भी भगवान बुद्ध की स्मृति में बनाया है। काफी सीढि़यां चढ़ने के बाद बुद्ध भगवान की अधूरी मूर्तियां  बनी हुई है। यहां की मूर्तियां काफी भव्‍य है जिनमें कई अन्‍य देवी व देवताओं जैसे गॉड ऑफ वेल्‍थ, पंचीका, और समृदि के देवता आदि को दर्शाया गया है।

गुफा 3 - इस गुफा में भगवान बुद्ध बैठे हुए वाले तरीके की अधूरी प्रतिमा बनी हुई है। जिसमें कई अन्य छोटे रूपांकन और प्रतीक है जोकि गुफा को सजाते है।

गुफा 4 - यह गुफा दो मंजिलों में बटीं हुई है जोकि लगभग खंडहर में बदल चुका है। इसमें बैठे बुद्ध की एक मूर्ति भी है।

गुफा 5 - यह आश्चर्यजनक गुफा 117 फुट की चौड़ाई और 59 फुट की गहराई में बनी हुई है। इस गुफा में एक विहार यानि मठ है जिसे मर्हावादा के नाम से जाना जाता है। इस गुफा में बौद्ध भिक्षुओं के लिए 20 कमरे और भगवान बुद्ध का एक सुंदर मंदिर बना हुआ है। यहॅा दो लंबे और संकीर्ण बेंच पड़ी हुई है जिन्‍हे देखना बिल्‍कुल न भूलें।

गुफा 6- इस गुफा में एक आयताकार हॉल है जिसमें महामायापुरी, तारा और बौद्धीसत्‍वा भगवान की छवियां है।

गुफा 7 - यह गुफा ज्‍यादा महत्‍वपूर्ण नहीं है इसमें एक सादा हॉल खम्‍भों के साथ बना हुआ है।

गुफा 8 - इस गुफा में बहुमूल्य बुद्ध मूर्तियों का खजाना है। आप इस गुफा के चारों तरफ घूम सकते है।

गुफा 9 - यह गुफा भगवान तारा की मूर्तियों से सुसज्जित है जोकि अपने भक्‍तों एक हाथी, एक साँप, आग और एक जहाज़ की रक्षा करती हुई स्‍थापित है। यहां एक खुली छत भी है।

गुफा 10 - यह गुफा प्रसिद्ध वास्तुकार, विश्वकर्मा के नाम पर बनी हुई है। इसे एक बढ़ई का झोपड़ा- सुतार का झोपड़ा भी कहा जाता है। इस गुफा में बढ़ई, दर्शन करके भगवान विश्वकर्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते है। यहां चैत्रयाग्रह भी देखा जा सकता है। इस गुफा के प्रवेश द्धार में घुसने पर आप भगवान बुद्ध की मूर्ति का स्‍पर्श अवश्‍य करेगें, ऐसी यहां की मान्‍यता है।

गुफा 11 - इस गुफा का नाम दो थल है जबकि इसमें तीन थल है। इसका नाम दो थल रखने का कारण यह है कि भूमि तल को बाकी मंजिल के लिए रास्‍ता माना गया है। इस गुफा में बौद्ध भगवान शिक्षा देने की स्थिति में बैठे है। भगवान गणेश और देवी दुर्गा की मूर्तियां भी यहां है।

गुफा 12 - इस गुफा को तीन थल कहा जाता है। यह महाराष्‍ट्र राज्‍य में सबसे बड़ा मठ है जो कि तीन मंजिला है। एक बड़ा सा प्रवेश द्धार आपका वेलकम करता हुआ एक बड़े से आंगन तक पहुंचा देगा। इस गुफा के हॉल में कई स्‍तम्‍भ और बैठे बुद्ध और अन्य देवी - देवताओं के चित्र और मूर्ति सजी हुई हैं।

One Way
Return
From (Departure City)
To (Destination City)
Depart On
11 Mar,Wed
Return On
12 Mar,Thu
Travellers
1 Traveller(s)

Add Passenger

  • Adults(12+ YEARS)
    1
  • Childrens(2-12 YEARS)
    0
  • Infants(0-2 YEARS)
    0
Cabin Class
Economy

Choose a class

  • Economy
  • Business Class
  • Premium Economy
Check In
11 Mar,Wed
Check Out
12 Mar,Thu
Guests and Rooms
1 Person, 1 Room
Room 1
  • Guests
    2
Pickup Location
Drop Location
Depart On
11 Mar,Wed
Return On
12 Mar,Thu