हैदाराबाद के त्रिमुलघेरी चर्च को ऑल सेंट चर्च के नाम से जाना जाता है और यह दक्षिण भारत के चर्च का एक हिस्सा है। यह चर्च सिकंदराबाद के त्रिमुलघेरी में स्थित है। यह चर्च पहले एक गैरिसन चर्च था जहां आर्मी चैप्लन विभिन्न रीति और समारोह का संचालन करते थे। आजादी के बाद इसका नियंत्रण दक्षिण भारत के चर्चो के हाथ में आ गया।
ये एक एंगलिकन चर्च और हर हफ्ते अंग्रेजी और तमिल भाषा में होने वाले प्रवचनों में बड़ी संख्या में तमिल लोग हिस्सा लेते हैं। अपने गौथिक शैली की वास्तुशिल्प के कारण यह चर्च पर्यटकों के बीच काफी लोप्रिय है। इसमें एक घंटाघर और कई मीनारें बनी हुई हैं।
यहां अभिरंजित कांच से बने एक खिड़की है जो कि वेदी का काम करती है। इसपर क्रॉस के साथ जीसस की प्रतिमा बनी हुई है। इस वेदी को 1884 में एक शाही तापची सैनिक स्वर्गीय एडवर्डस डाउसन की याद में बनवाया गया था। जब महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने 1983 में इस चर्च का भ्रमण किया तो यह पूरे देश में जाना जाने लगा।



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