भवानी नाट्य शाला झालावाड़ किले के पास स्थित है। इसका निर्माण वर्ष 1921 में हुआ था। यह शानदार थियेटर कई यादगार नाटकों एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का साक्षी रहा है। इस स्थान का मुख्य आकर्षण इसकी अनूठी भूमिगत संरचना है। इसके अलावा मंच भी कम उंचाई पर बनाया गया है जिससे घोड़ों और रथों को आसानी से देखा जा सके।
ऐसा माना जाता है कि संपूर्ण विश्व में ऐसे सिर्फ आठ थियेटर हैं। उस समय जब यह थियेटर बहुत अधिक प्रसिद्ध था, शाकुंतलम और शेक्सपियर जैसे नाटक यहाँ प्रदर्शित किये गए थे। इस नाट्य शाला का प्रयोग पारसी थिएटर की तरह भी किया जाता है। वे पर्यटक जिन्हें कला में रुचि है थियेटर में जाकर उस बीते युग के जादू को महसूस कर सकते हैं।



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