कल्पवृक्ष एक प्राचीन पेड़ है और जोशीमठ का सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। यह भारत का सबसे पुराना वृक्ष है जो कि लगभग 1200 साल का है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, आदि गुरू शंकराचार्य जो एक भारतीय ऋषि थे, उन्होने इस वृक्ष के नीचे ही तप किया था। इस पुराने शहतूत के वृक्ष की परिधि 21.5 मीटर की है। इस प्राचीन पेड़ में अब केवल फूल ही आते हैं फल नहीं लगते। इस पेड़ के पास ही अन्य आकर्षण केंद्र भी है, पास में ही एक गुफा स्थित है जहां आदि शंकराचार्य रहा करते थे। स्थानीय लोग इस पेड़ की पूजा किया करते हैं और उनकी आम धारणा है कि इस वृक्ष की पूजा करने से उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।



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