जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि दुर्गा देवी मंदिर, माता दुर्गा को समर्पित है जो महिला शक्ति और अपराजेयता की प्रतीक है। देवी दुर्गा की कई भुजाएं हैं और हर भुजा में वह एक अनोखा और अलग शस्त्र पकडे हुए है। वह शेर की सवारी करती है। उनके कई अवतारों में उन्हे राक्षसों, दानवों व महिषासुर का वध करते हुए भी दिखाया गया है।
देवी दुर्गा महिला शक्ति का प्रदर्शन करती है, वह प्रतीक है कि महिला गुणी और शक्तिशाली दोनों ही होती है। यह मंदिर, कौशाम्बी जिले में महाजनपुर से दक्षिण पश्चिम दिशा में लगभग 1 किमी. की दूरी पर स्थित है। माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण 4 वीं शताब्दी में किया गया था।
मंदिर के गर्भगृह में न केवल देवी दुर्गा की काले पत्थर वाली मूर्ति लगी हुई है बल्कि भगवान शिव की मूर्ति भी लगी हुई है। यह मंदिर, साल भर पर्यटकों और श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। नवरात्रि के उत्सव के दौरान यहां भारी संख्या में भक्त आते है और देवी मां की राक्षसों पर जीत के उत्सव का आनंद उठाते है और मां से आर्शीवाद लेते है।



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