रायाकोट्टाह को रायाकोट्टाई के नाम से भी जाना जाता है जो भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित किलों में से एक है। रायाकोट्टाह पहाड़ी पर पालघाट पठार की परिधि के चिन्हृ देखे गए है। यह किला काफी पुराना है जो कई युद्धों का गवाह है लेकिन वर्तमान में यह खंडहर में बदल चुका है। इस किले तक सड़क मार्ग द्वारा नहीं पहुंचा जा सकता ह, यहां तक पहुंचने के लिए पहाड़ी को चढ़ना पड़ता है, यह जमीन से थोड़ी ऊंचाई पर स्थित है।
इस पहाड़ी की आधी चढ़ाई पर रायाकोट्टाह गुफा मंदिर स्थित है जो उतनी ही पुरानी है जितना पुराना किला है। गुफा मंदिर से आगे बढ़ने पर ईटों की बनी संरचना मिलती है जो देखने पर अस्तबल जैसी लगती है। किले पर एक विशाल लाइट लगी है जिससे लोगों को रोशनी मिलती है।
इस रोशनी को पर्व के अवसर ही जलाया जाता है ताकि शहर के स्थानीय लोगों को रोशनी मिले। इस किले से शहर का मनोरम दृश्य देखने को मिलता है। यहां से शहर के जल निकाय भी बेहतरीन दिखते है। रायाकोट्टाह, यहां का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नहीं है लेकिन जो पर्यटक वाकई में सुंदर और शांत नजारे देखना चाहते है वह अपनी छुट्टियों को परफेक्ट बनाने के लिए यहां आ सकते है।



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