वज्र भैरव तीर्थ लेह से 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यहाँ का एक प्रमुख पर्यटक आकर्षण है। इस स्थान का निर्माण तांत्रिक देव या गेलुन्ग्पा को सम्मान देने के लिए किया गया था। इस तीर्थ के द्वार आम भक्तों के लिए साल में सिर्फ एक बार ही खोले जाते हैं यहाँ के स्थानीय लोगों का मानना है की देवता के पास कई चमत्कारी शक्तियां हैं जिनसे वो इस जगह की रक्षा करते हैं। ये स्थान का शुमार लेह की सबसे प्राचीन इमारतों में होता है । बताया जाता है की ये जगह कोई 600 पुरानी है । जीप या टैक्सियों के माध्यम से इस जगह पर आसानी से पहुंचा जा सकता है।



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