भगवान शिव को समर्पित तिलभन्देश्वर मन्दिर अपने सुन्दर दरवाजों और बाल्कनियों की वास्तुकला के लिये जाना जाता है। इस मन्दिर की सबसे भिन्न बात यह है कि मन्दिर के इष्टदेव की प्रतिमा निरन्तर बढ़ रही है। महाशिवरात्रि का पर्व मन्दिर परिसर के अन्दर मनाया जाता है और इस पर्व पर हर वर्ष भक्तों की भारी भीड़ आती है।
तिलभन्देश्वर मन्दिर में मकर संक्रान्ति और अन्नकूट पर्व भी हर्षोल्लास के साथ मनाये जाते हैं। महेश्वर के अन्य मन्दिरों की भाँति ही तिलभन्देश्वर मन्दिर भी पवित्र नर्मदा नदी के किनारे स्थित है और मन्दिर का प्रतिबिम्ब नदी में साफ दिखता है।
मन्दिर की दीवारों और दरवाजों की सुन्दर वास्तुकला को देखकर पर्यटक अक्सर आश्चर्यचकित हो जाते हैं। मन्दिर की बाल्कनियाँ भी विशिष्ट हैं। भगवान शिव के भक्त तिलभन्देश्वर मन्दिर को देखे बिना कभी भी महेश्वर से लौटते नहीं हैं।



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