अरुणाचल-प्रदेश के चांगलांग जिले में एक दूसरा छोटा सा कस्बा है जिसे बोरदुमसा के नाम से जाना जाता है। समुद्र के तल से 150 मीटर की ऊँचाई पर स्थित इस शहर की आबादी लगभग 25,368 है। यह शहर मुख्यतः स्थानीय जनजाति सिंगपू का निवास स्थान है। इस शहर में विभिन्न उप-जनजातियाँ जैसे थाई-काम्पती, थाई-काम्यांग और थाई-फाके भी निवास करती हैं।
‘बोरदुमसा’ दो शब्दों से मिलकर बना है ‘बोर’ जिसका मतलब है ‘बड़ा’ और ‘दुमसा’ इस शहर में रहने वाली मुख्य जनजाति ‘सिंगपू’ का एक टाइटल है। विभिन्न जनजाति के आदिवासियों को आप अभी भी ‘बोरदुमसा’ में देख सकते हैं। इसके अतिरिक्त ‘बोरदुमसा’ सर्किल के प्रमुख गाँव दुमसा-गाँव, गोज़ू, गेलेंज़ा, लालंग, गिडिंग, खेरेम इत्यादि हैं। इस कस्बे के लोग धार्मिक हैं और आदिवासी और हिंदू त्योहारों में पूरी श्रद्धा के साथ भाग लेते हैं।
इसके विशाल चाय के बागान और बौद्ध मंदिरों के कारण यह शहर अरुणाचल-प्रदेश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में से एक बन चुका है। यहाँ बोरदुमसा के गोज़ू में एक सुंदर बुद्ध मंदिर है, साथ ही शहर के व्यस्त चौराहे पर बुद्ध की एक विशाल प्रतिमा है। यहाँ एक शिव मंदिर भी है जिसे देखने से चूकना नहीं चाहिए।



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