शुक्रताल इस जिले का एक विख्यात धार्मिक शहर है। ये वह स्थान है जहाँ ऋषि सुक ने सात दिनों तक भगवत पुराण सुनाया था और इसके बाद एक भविष्यवाणी के अनुसार सांप के काटने पर उनकी मौत हो गई। प्रत्येक वर्ष इस स्थान पर कई भक्त आते हैं और इस अमर, बरगद के पेड़(अक्षय वट वृक्ष) की परिक्रमा करना नहीं भूलते। ऐसा माना जाता है कि इस वृक्ष ने ऋषि को भगवत पुराण कहते हुए सुना है।



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