तेंदोंग हिल समुद्र तल से 8530 फिट की ऊंचाई पर स्थित है। यह एक निष्क्रिय ज्वालामुखी भी है। पौराणिक कथाओं की माने तो जब यह जगह बाढ़ में डूब गया था तो लोगों को बचाने के लिए इस पहाड़ी पर सींघ के आकार की आकृति बन गई थी। इसी कारण इसका नाम तेंदोंग पड़ा, जिसका स्थानीय भाषा में अर्थ होता है- ऐसी पहाड़ी जिन पर सीघों की आकृतियां बनी हो। तेंदोंग हिल उन जगहों में से है जहां लामा तपस्या करते थे।
यह पहाड़ी सिक्किम का एक महत्वपूर्ण ट्रेकिंग स्थल भी है। पहाड़ी पर 6 किमी की ट्रेकिंग से आप घने जंगलों तक पहुंच जाएंगे जो कि जीव-जंतुओं और वनस्पतियों के मामले में काफी समृद्ध है।



Click it and Unblock the Notifications