नरसा जाने वाले पर्यटक तलेवादी गाँव ज़रूर जायें। यह लोगों के बीच अपने जंगली इलाके में पाए जाने वाले चमगादड़ों की कई प्रजातियों को लेकर मशहूर है। आंकड़ों के अनुसार तलेवादी गाँव के लोंदा जंगल की सीमा के अन्दर करीबन 40 स्तनपायी जानवरों की प्रजाति पायी जाती है। इस...
दूसरी देखने वाली जगह है कृष्णपुर गाँव जो नरसा के पास ही स्थित है। इस गाँव में 20,000 से भी ज़्यादा चमगादड़ों का बसेरा है। थिओबाल्ड के कब्र के चमगादड़ भी पास की गुफाओं में पाए जा सकते हैं।
नरसा देखने जाने वाले पर्यटकों को सिंथेरी पत्थर देखने की सलाह दी जाती है जो कनेरी नदी के तट पर बसा है। सिंथेरी पत्थर प्रकृति से बना 300 फीट ऊँचा ग्रेनाइट का खम्बा है। यहाँ पहुँचने पर पर्यटकों को कबूतर और पत्थर वाली मधुमक्खी देखने का मौका मिलेगा।
नरसा देखने जाने वाले पर्यटकों से महदी वैली देखने जाने की सलाह दी जाती है जो कि एक आदर्श पिकनिक मानाने की जगह है। यह कम बसी हुई जगह है जो पर्यटकों के बीच विश्व के सबसे संपन्न जैव विविधता के खज़ाने के रूप में मशहूर है। इसलिए इस जगह पर पहुँचने पर, पर्यटक कई प्रजाति...
नरसा गाँव देखने जाने वाले लोगों को भीमगढ़ देखने की सलाह दी जाती है, जो एक प्राकृतिक पथरीला किला है और घने जंगलों के बीच में बसा है। ऐतिहासिक तथ्य के अनुसार, भीमगढ़ एक महान मराठा राजा, शिवाजी के द्वारा सीमा चौकी की तरह इस्तमाल किया जाता था। एक प्रसिद्द कहावत के...