दक्षिण पूर्व रेलवे (SER) ने आद्रा डिविजन में एक हफ्ते के 'रोलिंग ब्लॉक' का ऐलान किया है। पटरियों और सिग्नल सिस्टम के जरूरी मेंटेनेंस के चलते यह काम 24 अगस्त से 30 अगस्त तक चलेगा। इस ब्लॉक का सीधा असर पश्चिम बंगाल और झारखंड को जोड़ने वाले प्रमुख रेल कॉरिडोर पर पड़ेगा। इसके चलते कई ट्रेनों को अचानक रद्द कर दिया गया है, कइयों के रूट बदले गए हैं और कुछ ट्रेनों को गंतव्य से पहले ही समाप्त किया जा रहा है। ऐसे में आसनसोल, पुरुलिया और बोकारो की तरफ यात्रा करने से पहले अपना ट्रेन स्टेटस जरूर जांच लें।
इस ब्लॉक की सबसे ज्यादा मार मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (MEMU) और कई अहम एक्सप्रेस ट्रेनों पर पड़ी है। मशहूर खड़गपुर-हटिया एक्सप्रेस आद्रा और हटिया के बीच आंशिक तौर पर रद्द रहेगी। वहीं, आसनसोल, पुरुलिया और मेदिनीपुर के बीच चलने वाली कई डेली मेमू ट्रेनें पूरी तरह से कैंसिल कर दी गई हैं। रेलवे के मुताबिक बुनियादी ढांचे को दुरुस्त और सुरक्षित बनाने के लिए यह काम जरूरी है। इस दौरान आद्रा, आसनसोल और बोकारो स्टील सिटी स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिल सकती है।

आद्रा डिविजन रोलिंग ब्लॉक: जानें कौन से हैं वैकल्पिक रास्ते
बंगाल और झारखंड के बीच सफर करने वाले यात्रियों को वैकल्पिक रेल या सड़क मार्ग चुनने की सलाह दी गई है। ब्लॉक वाले रेल खंडों से बचने के लिए धनबाद और चंद्रपुरा होकर चलने वाली कनेक्टिंग ट्रेनें बेहतर विकल्प साबित हो सकती हैं। इसके अलावा, पश्चिम बंगाल और झारखंड राज्य सड़क परिवहन की ओर से अतिरिक्त बसें चलाई जा रही हैं। आसनसोल, पुरुलिया और आसपास के कमर्शियल हब के बीच इंटर-सिटी बसें भी एक तेज जरिया हैं। सड़क मार्ग का सहारा लेकर यात्री स्टेशनों पर होने वाले लंबे इंतजार से बच सकते हैं।
आद्रा डिविजन रोलिंग ब्लॉक: ट्रेन सेवाओं का ताजा हाल
| ट्रेन सेवा | प्रभावित तारीखें | मौजूदा स्थिति |
|---|---|---|
| आद्रा-आसनसोल मेमू | 24, 26, 30 अगस्त | पूरी तरह रद्द |
| आसनसोल-पुरुलिया मेमू | 24, 27, 28 अगस्त | पूरी तरह रद्द |
| खड़गपुर-हटिया एक्सप्रेस | 26, 28, 29 अगस्त | आद्रा में ही समाप्त (Short-Terminated) |
आईआरसीटीसी (IRCTC) से बुक किए गए ऑनलाइन टिकटों का पूरा रिफंड अपने आप बैंक खाते में आ जाएगा। वहीं काउंटर टिकट धारकों को तय समयसीमा के अंदर स्टेशन काउंटर से रिफंड लेना होगा। रेलवे नियमानुसार, ट्रेन आधिकारिक तौर पर रद्द होने पर पूरा रिफंड मिलता है। यात्री रेलवे पोर्टल पर जाकर अपने पीएनआर (PNR) का ताजा स्टेटस चेक कर सकते हैं। यात्रा से पहले ऑनलाइन स्टेटस जांचने से स्टेशनों पर बेवजह की भागदौड़ और परेशानी से बचा जा सकेगा।
रोजाना सफर करने वाले यात्री नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (NTES) पर ट्रेनों के रियल-टाइम शेड्यूल पर नजर रखें। पटरियों के इस मेंटेनेंस से भविष्य में रेल परिचालन सुरक्षित होगा और ट्रेनों की रफ्तार भी बढ़ेगी। पहले से सही प्लानिंग करके निकलने से रूट में हुए इस अचानक बदलाव के बावजूद आपका सफर आसान रहेगा। पश्चिम बंगाल और झारखंड के बीच बिना किसी रुकावट के आवाजाही के लिए वैकल्पिक बस सेवाओं का इस्तेमाल भी एक अच्छा विकल्प है।



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