आज, 26 अगस्त को पहाड़ों से लेकर तटीय इलाकों तक देश के 19 राज्यों में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। सुबह 6:35 बजे तक के रेल आंकड़ों के मुताबिक, कम से कम 149 ट्रेनें रीशेड्यूल की जा चुकी हैं और दोपहर तक यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। कल दिल्ली में उड़ानों में भारी देरी देखी गई थी, जिसका असर आज भी बना रह सकता है। इसलिए सफर पर निकलने से पहले लाइव स्टेटस जरूर चेक कर लें और पर्याप्त अतिरिक्त समय हाथ में लेकर चलें।
जिन रूटों पर सबसे ज्यादा नजर रखने की जरूरत है, उनमें दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी, दिल्ली-देहरादून-चंडीगढ़, पटना-धनबाद-सिलीगुड़ी, कोलकाता-आसनसोल, भोपाल-जबलपुर, अहमदाबाद-सूरत, मुंबई-पुणे-गोवा-रत्नागिरी और गुवाहाटी-शिलांग-अगरतला शामिल हैं। लगातार बारिश के बाद पहाड़ी राजमार्गों पर भूस्खलन का खतरा है, जबकि शहरी इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक सिग्नल खराब होने की आशंका है। केरल और उससे सटे तटीय इलाकों में भी तेज बारिश के झोंके आ सकते हैं। घर से निकलने से पहले हर तीन घंटे पर स्थानीय नाउकास्ट (ताजा मौसम अपडेट) जरूर चेक करते रहें।

IMD बारिश अलर्ट: आज के हॉटस्पॉट और सुरक्षित सफर के तरीके
मौसम विभाग की जिलावार चेतावनियों और 'संकल्प' (SANKALP) नाउकास्ट की मदद लें, ताकि आप मूसलाधार बारिश के बजाय दिन में मौसम साफ रहने के दौरान सफर कर सकें। निकलने से पहले और रास्ते में रुकने के दौरान मौसम राडार को रिफ्रेश करते रहें। अगर मौसम का पूर्वानुमान ऑरेंज या रेड अलर्ट में बदलता है, तो गैर-जरूरी यात्रा टाल दें—खासकर घाट वाले रास्तों और नदियों के पुलों को पार करने से बचें। इससे आप लंबे चक्कर, सड़कों पर लगने वाले जाम और कनेक्टिंग फ्लाइट या ट्रेन छूटने के जोखिम से बच सकेंगे।
| इंटरसिटी कॉरिडोर (रूट) | आज के लिए सावधानी |
|---|---|
| दिल्ली-देहरादून/चंडीगढ़ | कम समय में तेज बारिश; शहरों में जलभराव के कारण आने-जाने में देरी हो सकती है। |
| लखनऊ-वाराणसी-पटना | भारी बारिश के बाद विजिबिलिटी घटेगी और फ्लाईओवरों के पास पानी भर सकता है। |
| मुंबई-पुणे-गोवा-कोंकण | घाटों पर कोहरा और चट्टानें गिरने की आशंका; रूट ब्लॉक की एडवाइजरी पर नजर रखें। |
| गुवाहाटी-शिलांग-अगरतला | लगातार बारिश से पहाड़ों पर धंसान और नदी-नाले उफान पर आ सकते हैं। |
ट्रेन डायवर्जन और एयरपोर्ट पर देरी: लाइव स्टेटस और जरूरी नियम
ट्रेनों की जानकारी के लिए NTES ऐप के "Cancelled/Diverted/Rescheduled" फिल्टर का इस्तेमाल करें और संबंधित रेलवे जोन के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से रूट ब्लॉक या ट्रैक बहाली का अपडेट लें। मध्य रेलवे के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) के पुनर्विकास कार्य के चलते 5 सितंबर तक कुछ लंबी दूरी की ट्रेनें दादर और ठाणे में ही समाप्त (शॉर्ट-टर्मिनेट) की जा रही हैं, इसलिए आगे की यात्रा की योजना उसी हिसाब से बनाएं। जैसे-जैसे बारिश का दायरा बदलेगा, दिनभर ट्रेनों की आवाजाही में नए बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
अगर आपकी ट्रेन रद्द हो जाती है, तो ई-टिकट का रिफंड अपने आप प्रोसेस हो जाता है; इसके लिए अपना एसएमएस और ईमेल चेक करते रहें। अगर ट्रेन अपने तय समय से तीन घंटे से ज्यादा लेट है और आप यात्रा नहीं करते हैं, तो आप पूरा रिफंड पाने के हकदार हैं—बस समय सीमा के भीतर रिफंड का दावा कर दें। ट्रेन के शॉर्ट-टर्मिनेट होने या रूट बदले जाने की स्थिति में 72 घंटे के भीतर टिकट डिपॉजिट रसीद (TDR) दाखिल करें। काउंटर से लिए गए टिकटों की यात्रा तिथि नियमों के अनुसार आगे या पीछे बढ़ाई जा सकती है।
एयरपोर्ट पर देरी, रीबुकिंग के टिप्स और खराब मौसम के लिए जरूरी तैयारी
सामान्य दिनों के मुकाबले 90 से 120 मिनट पहले एयरपोर्ट पहुंचें, एयरलाइन ऐप के पुश नोटिफिकेशन ऑन रखें और फीस माफी (waiver) से जुड़े अपडेट्स पर नजर रखें। पैसेंजर चार्टर और डीजीसीए (DGCA) के नए नियमों के तहत आवश्यकतानुसार भोजन, रीबुकिंग या रिफंड का दावा करें; हालांकि कुदरती आपदा (force-majeure) की स्थिति में नकद मुआवजे की सीमाएं हो सकती हैं। कनेक्टिंग फ्लाइट्स को एक ही टिकट पर रखें, केवल केबिन बैगेज साथ ले जाने को प्राथमिकता दें और अपने बैग की फोटो खींचकर रख लें। एयरलाइन की एडवाइजरी के साथ-साथ आईएमडी (IMD) के नाउकास्ट पर भी लगातार नजर बनाए रखें।



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