बेरन द्वीप एक छोटा सा द्वीप है, जो अंड़मान निकोबार की राजधानी पोर्ट ब्लेयर के उत्तर पूर्वी दिशा में 84 मील की दूरी पर है। यह पूरे भारत और दक्षिण एशिया का एक मात्र सक्रिय ज्वालामुखी है। मनुष्य की अनगिनत जगहों को देखने की उत्सुकता ने इस स्थान को प्रसिद्ध बनाया है।
बेरन का अर्थ है बंजर, नाम अनुसार यह स्थान भी बंजर है। यह मनुष्य के रहने लायक नहीं है आप यहाँ केवल कुछ वन्यजिवी ही देख पाएंगे। यहाँ बलेही जीवों की संख्या कम है, पर उनकी प्रजातियाँ कई है। इस द्वीप पर विभिन्न प्रकार की बकरी पाई जाती है जिसे “फेरल गौट” कहते हैं, कहा जाता है की कई साल पहले यहाँ आये कुछ नाविकों ने इस प्रजाती की बकरियों को यहाँ छोड़ कर चले गए। पर यह देखकर बहुत हेरानियत होती है कि यह प्राचीन बकरियां इतने कठीन वातावरण में खारा पानी पीते अभी भी जीवित है।
इसके अलावा यह विभिन्न प्रजाती के चम्कादर पाए जाते हैं जिन्हें "फलएंग फौक्स" कहते हैं। यहाँ पहला उदभेदन 1994 में हुआ था जब कि दूसरा उदभेदन 2004 में आयी हिंद महासागर में सुनामी के बाद 2005 में आया था।



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