पुट्टपर्थी पर्यटन - सत्य साईं बाबा का निवास

पुट्टपर्थी, आंध्र प्रदेश राज्‍य के अनंतपुर जिले का एक छोटा सा आध्‍यात्मिक शहर है जिसे आध्‍यात्मिक गुरू सत्‍य साईं बाबा का पवित्र स्‍थान माना जाता है औश्र इसी कारण यह पर्यटकों के बीच एक प्रसिद्ध तीर्थ केंद्र है। यह शहर चित्रावती नदी के किनारे स्थित है और 475 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।

पुट्टपर्थी नगर का इतिहास, सत्‍य साईं बाबा के जन्‍म और जीवन के आसपास घूमता है। पहले पुट्टपर्थी एक छोटा सा किसानों का गांव हुआ करता था, जिसे गोलापल्‍ली के नाम से जाना जाता था, जिसका अर्थ होता है - ग्‍वालों का घर। सत्‍यनारायण राजू का जन्‍म 23 नबंवर 1926 को श्री पेद्दा वेंकप्‍पा और श्रीमती ईश्‍वाराम्‍मा के घर हुआ था।

कई परिलक्षित घटनाओं के कारण, उनकी कई चमत्‍कारी शक्तियों का पता चला, जिससे लोग उन्‍हे पूजने लगे। लोगों को लगने लगा कि वह साईं बाबा के रूप है और सभी उन्‍हे सत्‍य साईं बाबा कहकर पुकारने लगे। लोगों की उनमें गहरी आस्‍था होने के कारण, वह एक आध्‍यात्मिक गुरू बन गए।

उनकी शिक्षाएं सारी दुनिया में मानी जाने लगी। उनकी शिक्षाओं में शांति, प्रेम, सत्‍य, धर्म और अहिंसा के सिद्धांतों पर बात होती थी, जिसका लोग अनुसरण करते थे। वर्तमान में यह गांव, सारी दुनिया में विख्‍यात है।

1950 में इस गांव में प्रशांति निलयम् की स्‍थापना की गई और इस आश्रम ने पूरे गांव को विश्‍व स्‍तर पर पहचान दिला दी। आज की तारीख में यहां सभी सुख - सुविधाएं मौजूद है। यहां एयरपोर्ट, रेलवे स्‍टेशन, अच्‍छी सुविधाओं वाले हॉस्‍पीटल और भारी संख्‍या में शिक्षा केंद्र है।

पुट्टपर्थी और उसके आसपास स्थित पर्यटन स्‍थल

पुट्टपर्थी के पास में ही एक मस्जिद स्थित है, यहां एक हनुमान मंदिर और सत्‍यभामा मंदिर स्थित है जिसे सत्‍य साईं बाबा के दादा, स्‍वर्गीय कोंदामा राजू ने बनवाया था। यहां स्थित सत्‍यभामा मंदिर, हाल ही में निर्मित हुआ है जिसे सत्‍य साईं बाबा के बड़े भाई सेशमा राजू ने बंगलौर जाने के रास्‍ते पर बनवाया है।

यहां का अन्‍य प्रसिद्ध पर्यटन स्‍थल, विशिंग पेड़ है जो चित्रावती नदी के किनारे स्थित है। यहां का ध्‍यान वृक्ष, यूनीवर्सिटी की ओर एक पहाड़ी पर स्थित है जो काफी प्रसिद्ध है। पुट्टपर्थी में शैक्षिक और सांस्‍कृतिक संस्‍थाएं भी काफी महत्‍वपूर्ण स्‍थान रखती है। इस छोटे से शहर में पर्यटकों के भ्रमण के लिए टैक्‍सी चलती है।

पुट्टपर्थी कैसे पहूंचे

पुट्टपर्थी की यात्रा, वहां के आश्रम के दर्शन करने पर ही धन्‍य होती है। पुट्टपर्थी का एयरपोर्ट, शहर से 4 किमी. की दूरी पर बना हुआ है जिसे श्री सत्‍य साई हवाई अड्डे के नाम से जाना जाता है। यह एक घरेलू हवाई अड्डा है। इस एयरपोर्ट से चेन्‍नई और मुम्‍बई जैसे प्रमुख शहरों के लिए उड़ाने भरी जाती है। यहां का निकटतम अंतरराष्‍ट्रीय हवाई अड्डा, बंगलौर में स्थित है जो पुट्टपर्थी से 131 किमी. की दूरी पर है।

पुट्टपर्थी की यात्रा का सबसे अच्‍छा मौसम

पुट्टपर्थी की यात्रा का सबसे अच्‍छा मौसम सितम्‍बर से फरवरी के दौरान होता है। मार्च से जून तक यहां काफी गर्मी होती है जो सुखद नहीं होती है। जो लोग मन की शांति के साथ आध्‍यात्‍म और धर्म से जुड़ना चाहते है वह यहां आ सकते है।

 

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