रीवा मध्य प्रदेश के रीवा जि़ले में स्थित एक शहर है। यह जि़ला मुख्यालय भी है। रीवा पर्यटन अपने प्रसिद्ध संग्रहालयों, किलों, झरनों और ऐतिहासिक गांवों के लिए प्रसिद्ध है। इन सभी प्राकृतिक और मानव निर्मित खूबसूरत स्थानों के अलावा यह सफेद बाघों के लिए भी प्रसिद्ध है। यह जगह चार भागों में विभाजित है- बिंझ पहाड़, निचला उत्तरी मैदान, कायमोर पहाड़ और रीवा पठार।
रीवा के पर्यटन स्थल
बाघ अभ्यारण्य देखने के अलावा रीवा में कुछ अन्य रोमांचक स्थल जैसे बाघैल संग्रहालय, रीवा का किला, पीली कोठी, गोविंदगढ़ का किला, गोविंदगढ़ पैलेस, वेंकेट भवन, रानी तालाब, एपीएस विश्वविद्यालय स्टेडियम, भाईरोम बाबा की प्रतिमा, रानीपुर कारचुलियन, केओंती झरना, पुरवा झरना और चाचाय झरना शामिल हैं।
रीवा के इतिहास की एक झलक
इस शहर का नाम अपने जि़ले के नाम पर रखा गया है। इसके अलावा, नर्मदा नदी का दूसरा नाम रीवा है। किंवदंतियों के अनुसार, ऐसा माना जाता है कि ईसा पूर्व तीसरी शताब्दी के दौरान जि़ले के प्रदेशों पर मौर्य शासकों का शासन था। ऐसा माना जाता है कि सबसे पहला सफेद बाघ रीवा में ही पकड़ा गया था।
कैसे पहुँचे रीवा
सड़क, हवाई, और रेल नेटवर्क से यात्री रीवा तक पहुँच सकते हैं। इसके सबसे पास खजुराहो हवाई अड्डा है जो भारत के महत्वपूर्ण शहरों से भली प्रकार से जुड़ा है। रीवा रेलवे स्टेशन तक पहुँचने के लिए यात्री रेलगााड़ी भी ले सकते हैं जो रीवा शहर के सबसे पास है। खजुराहो से रीवा के लिए बसें भी उपलब्ध होती हैं।
रीवा आने का सबसे अच्छा समय
रीवा आने के लिए सबसे अच्छा मौसम मानसून होता है। मानसून जुलाई से शुरु होकर सितंबर तक रहता है और इस समय के दौरान यह शहर प्राकृतिक रूप से बहुत सुंदर दिखता है।



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