ए.पी.एस. विश्वविद्यालय स्टेडियम मध्य प्रदेश के पूरे रीवा जि़ले में सबसे बड़ा मैदान है। सालभर इस मैदान में विभिन्न प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाती हैं और इसके अलावा बड़े मेलों का भी आयोजन किया जाता है। युवाओं में खेलों के प्रति रुझान पैदा करने के उद्येश्य से मध्य...
गोविंदगढ़ पैलेस बहुत पहले साल 1882 ई. में रीवा के महाराज ने था। यह महल रीवा के शहर से 13 कि.मी. दूर है। यह महल कुछ खूबसूरत झरनों जैसे केओंती, चाचाय तथा बछुती से घिरा हुआ है। इस जगह पर दो नदियों बिहाड़ और पिछिया का संगम होता है।
इस महल का निर्माण बहुत अच्छी...
गोविंदगढ़ झील मध्य प्रदेश के रीवा जि़ले में स्थित प्रसिद्ध झीलों में से एक है। गोविंदगढ़ पैलेस इस झील के किनारे बनाया गया एक बहुत सुंदर पैलेस है। इस झील से घिरे होने के कारण यह सुंदर पैलेस देखने पर एक सम्पूर्ण प्राकृतिक नज़ारा मिलता है। इस क्षेत्र में चारों ओर...
केओंती झरना रीवा के मुख्य शहर से 40 कि.मी. दूर लालगाँव में स्थित है। यह झरना पूरे भारत में 24वां सबसे ऊँचा झरना है। यह झरना बहुत सुंदर है जो सालभर अनेक पर्यटकों को आकर्षित करता है। इस झरने के लिए पानी का मुख्य स्रोत महान नदी है जो तमसा नदी की प्रमुख सहायक नदी मानी...
भाईरोम बाबा की प्रतिमा मध्य प्रदेश में रीवा के मुख्य शहर से 40 कि.मी. दूर स्थित है। भक्त इस प्रतिमा को पवित्र मानते हैं और हर महीने हज़ारों लोग भगवान शिव को पूजने के लिए यहाँ आते हैं। गुड़ नामक जगह पर स्थित इस देवता को स्थानीय लोग पवित्र मानते हैं।
उनका...
गोविंदगढ़ का किला मध्य प्रदेश में पूरे रीवा क्षेत्र में सबसे बड़े आकर्षण के रूप में माना जाता है। यह किला विरासत के रूप में है तथा इसे रीवा के महाराज ने बनवाया था क्योंकि गोविंदगढ़ गर्मियों की राजधानी थी। यह किला एक सुंदर स्थान पर स्थित है तथा अत्यधिक प्राकृतिक...
शिल्पी प्लाज़ा मध्य प्रदेश के पूरे रीवा क्षेत्र का सबसे बड़ा पर्यटन आकर्षण है। यह जगह पूरे जि़ले में सबसे बड़ा और राज्य में पाँचवा सबसे बड़ा शापिंग काम्पलेक्स है। राज्यभर से पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए यह प्लाज़ा बहुत प्रयासों के साथ बनाया गया था। यह प्लाज़ा...
बाघैल संग्रहालय मध्य प्रदेश के रीवा शहर के सबसे पुराने संग्रहालयों में से एक माना जाता है। इस संग्रहालय का एक महान ऐतिहासिक महत्व है और वर्तमान समय में इसकी देखभाल मध्य प्रदेश की सरकार करती है। यह संग्रहालय रीवा के गोविंदगढ़ पैलेस के अंदर स्थित है तथा इसमें कुछ...
सिटी संग्रहालय, राजसी राज्य मध्य प्रदेश में पूरे रीवा जि़ले के पारंपरिक संग्रहालयों में से एक है। यह सच है कि इस संग्रहालय में एंटीक वस्तुओं का सबसे बड़ा संग्रह है और यह रीवा के महाराज की याद में बनवाया गया था।रीवा क्षेत्र से बहुत सारा इतिहास जुड़ा है और सिटी...
पुरवा झरना 70 मी. ऊँचा है और मध्य प्रदेश के रीवा क्षेत्र में स्थित है। यह एक प्रसिद्ध झरना है और पूरे जि़ले में सबसे अच्छे पर्यटन स्थलों में से एक है। यह सारा क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर होने के कारण सालभर पर्यटक और स्थानीय लोग यहाँ आते रहते हैं।
...
रीवा का किला मध्य प्रदेश के रीवा शहर में बने सबसे बेहतरीन किलों में से एक है। यह किला सदियों पुरानी परंपराओं और संस्कृति का सबसे उम्दा उदाहरण माना जाता है। यह जगह अतुलनीय विरासत है। सालभर यहाँ अनेक यात्री आते रहते हैं और अब यहाँ रहने की व्यवस्था भी उपलब्ध है।
...रानी तालाब मध्य प्रदेश के रीवा जि़ले में स्थित सबसे पुराने जल निकायों में से एक है। यह पूरे जि़ले के पवित्र जलनिकायों में से एक है और पवित्र अवसरों के समय लोगों में यहाँ आने का बहुत उत्साह होता है। यह एक भली प्रकार से जुड़ा हुआ कुआं है और सिंचाई के अनेक उद्येश्यों...
रानीपुर करचुलियाँ मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध शहर रीवा में स्थित है। यह जगह मुख्य शहर से लगभग 15 कि.मी. दूर है। यह जगह रीवा-इलाहाबाद सड़क पर स्थित है और इस सड़क को NH7 भी कहा जाता है। बहुत पहले यह जगह तहसील मुख्यालय थी।
इतिहास के अनुसार कालचूरी शासक इस जगह पर...
चाचाय झरना मध्य प्रदेश के सबसे बड़े झरनों में से एक है। यह झरना 130 मी. की ऊँचा है। इस झरने का स्रोत बिहाड़ नदी है जो तमसा नदी की सहायक नदी है। यह नदी रीवा पठार से नीचे की ओर आती है। ऐसा प्रतीत होता है कि यह झरना नीचे की ओर गिरते हुए आसपास के वातावरण को नया कर...
पीली कोठी मध्य प्रदेश के रीवा जि़ले में स्थित है। यह कोठी धीरज बंधवेश सर गुलाब सिंह के द्वारा बनवाई गई थी। यह रीवा के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक मानी जाती है। इस जगह आने के लिए सबसे अच्छा समय फरवरी तथा मार्च महीनों के दौरान होता है क्योंकि इस समय मौसम ठंडा...