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होम » स्थल » ठाणे » आकर्षण
  • 01बेसिन फोर्ट

    ठाणे का बेसिन फोर्ट अब वसई फोर्ट के नाम से जाना जाता है। पांच सदियों पुराने इस किले को 1532 में गुजरात के तत्‍कालीन सुल्तान बहादुर शाह ने बनवाया था। बाद में इस किले को मराठों ने संभाल लिया था।

    इस किले के शिलालेख, दरवाजे और फाटक आपका ध्‍यान आर्कषित...

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  • 02अम्‍बरेश्‍वर मंदिर

    अम्‍बरेश्‍वर मंदिर

    11 वीं सदी में बना यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है जोकि ठाणे से 26 किमी. की दूरी पर स्थित है। इस मंदिर को सिलाहार वंश के राजा द्वारा 1060 ई. में बनवाया गया था।

    हैमंतपादी शैली में बने इस मंदिर में पार्वती, गणेश और नंदी की मूर्तियां बनी हुई है।

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  • 03सेंट जेम्स चर्च

    सेंट जेम्स चर्च

    सेंट जेम्स चर्च, ठाणे के प्रधान डाकघर और जेलजलाशय के पास स्थित चर्च है। यह चर्च 1825 में गोथिक शैली में बनाया गया था जिसमें 24 फुट ऊंची दीवारें है जोकि ग्रीक स्‍टोन से बनी हुई है।

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  • 04सूरज वॉटर पार्क

    पानी में खेले जाने वाले खेल के शौकीन, बिना समय बर्बाद किए सूरज वॉटर पार्क की ओर रूख कर लें। 17 एकड़ जमीन में फैले इस पार्क में मस्‍ती करने के लिए कई आइटम है। रिमझिम नाम का एक डांस फ्लोर है जहां आर्टिफिशियल बारिश में डांस किया जाता है।

    इनके अलावा...

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  • 05मासुंदा तालाव

    मासुंदा तालाव को ठाणे जिले के मशहूर तालाव के रूप में जाना जाता है। यहां तालाव का अर्थ झील से होता है। ठाणे की यह आकर्षक जगह शहर से 15 से 20 मिनट की दूरी पर स्थित है। इस झील में नौका विहार का आनंद भी उठाया जा सकता है। साथ ही यहां पर जल स्‍कूटर पर भी परिवारके...

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  • 06सुधागढ़ फोर्ट

    सुधागढ़ फोर्ट

    इस किले को भोरागढ़ किले के नाम से भी जाना जाता है। इस किले में बहमनी सल्‍नतन, मराठों और ब्रिटिश शासकों ने राज्‍य किया था।

    किले के अन्‍दर भोरादेवी का मंदिर, कुछ कब्रें, दो सुंदर झीले और खंडहर घर बने हुए है। किले का प्रवेश द्धार काफी विशाल और...

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  • 07उपवन झील

    उपवन झील

    ठाणे में पाई जाने वाली इन सभी झीलों में उपवन झील सबसे सुन्‍दर है जोकि पोखरण इलाके में बहती है। इसके चारों तरफ येउर हिल्‍स है जो मन को लुभा देने वाला नजारा देती है।

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  • 08नानीघाट हिल्‍स

    ठाणे जिले के मलसेज घाट पर स्थित नानीघाट हिल्‍स पर्यटकों के लिए आकर्षण का मुख्‍य केंद्र है। इसकी समुद्र स्‍थल से ऊंचाई 838.2 मीटर है। यह पहाड़ी ठाझो की प्राचीन पहाडि़यों में से एक है जो घाटमाथा से कोंकण तक पसरी हुई है।

    इस पहाड़ी के पत्‍थर...

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  • 09काशीमीरा

    काशीमीरा

    ठाणे के दो पहाड़ी गांव काशी और मीरा को मिलाकर बनी इस जगह में खूबसुरती के जलवे ही जलवे नजर आते हैं। इस गांव में एक चर्च है जिसे सेंट जेरोम चर्च के नाम से जाना जाता है।

    हर साल इस गांव में 25 और 26 दिसंबर को एक भव्‍य मेले का आयोजन किया जाता है। साल के...

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  • 10आशापुरा देवी मंदिर

    आशापुरा देवी मंदिर

    आशापुरा देवी मंदिर, ठाणे में गॉडवुंडर रोड़ पर स्थित है जो 53 साल पुराना है। इस मंदिर का निर्माण आशादेवी को श्रद्धांजलि देने के लिए करवाया गया था। यहां देवी आशापुरा की मूर्ति लगी हुई है जिसे बनाया नहीं गया है।कहा जाता है कि यह मूर्ति स्‍वयं से बन गई थी जिसकी...

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  • 11येउर हिल्‍स

    येउर हिल्‍स

    इन पहाडि़यों को मामा भांजा हिल्‍स के नाम से भी जाना जाता है। स्‍थानीय लोग अक्‍सर यहां वीकएंड मनाने आते है। यहां का 150 साल पुराना मंदिर, स्‍वामी मठ संस्‍थान और संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान देखना कतई न भूलें।

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  • 12सेंट बैपटिस्ट चर्च

    सेंट बैपटिस्ट चर्च

    सेंट बैपटिस्ट चर्च 1852 में पुर्तगाली मिशनरीज एंटोनियो पोर्टो के निर्देशन में बना था। पहले इस चर्च का नाम सेंट एंथोनी चर्च था।

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  • 13ठाणे क्रीक

    पक्षियों को देखने के शौकीन लोग ठाणे क्रीक जरूर जाएं। महाराष्‍ट्र में ठाणे क्रीक, पक्षियों के सरंक्षण के लिए एक प्रसिद्ध जगह है जहां 205 से अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं।

    गोल्डन प्लोवर, विहिस्‍लिंग टेल्‍स, हुपु, ग्रे प्लोवर जैसी कई दुर्लभ...

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  • 14भिवंडी

    भिवंडी

    यह शहर से 15 किमी. की दूरी पर मुंबई - आगरा राजमार्ग पर स्थित है। यहां कई प्रकार के कपड़े, कालीन, रेशमी कपड़े और हथकरघा का काम किया जाता है।

    कोंकण के तटीय इलाके में स्थित यह जगह चारो ओर पहाडि़यों से घिर हुई है। यहां पास में स्थित मंदिर लगभग 800 साल पुराना...

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  • 15केल्‍वा बीच

    महाराष्‍ट्र राज्‍य के सबसे बढ़े समुद्र तटों में से यह एक है जोकि 7 किमी. दूरी में फैला हुआ है। केल्‍वा बीच के किनारों पर सुरू के पेड़ और शीतलामाता का मंदिर है।

    यहां का शानदार तट पर्यटकों को बरबस अपनी ओर आकर्षित करता है।

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