अयोध्या में सरयू (घाघरा) नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है, जिसके चलते शहर में बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) के मुताबिक, बुधवार 9 सितंबर की सुबह 8:00 बजे अयोध्या में नदी का जलस्तर 93.080 मीटर दर्ज किया गया, जो 92.73 मीटर के खतरे के निशान से 0.35 मीटर ऊपर है। प्रशासन ने आज, 10 सितंबर की सुबह (अपडेट 9:30 am IST) भी श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए निचले घाटों की सीढ़ियों और नदी किनारे की गलियों में जाना जोखिम भरा हो सकता है। फिसलन वाले रास्तों पर बैरिकेड्स लगाए गए हैं और पानी का बहाव तेज होने पर बोटिंग पर भी अस्थाई रोक लगाई जा सकती है। नदी किनारे नहाने, रेलिंग पार करने या सेल्फी लेने से बचें। घाट पर मौजूद स्टाफ और पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें। मंगलवार शाम को पास की कई बस्तियों में जलभराव की खबरें आई थीं, जिससे साफ है कि नदी में पानी का तेज बहाव अभी जारी है।

अयोध्या बाढ़ अलर्ट: राम मंदिर में आज दर्शन की टाइमिंग
सामान्य दर्शन के लिए मंदिर आमतौर पर सुबह 6:30 से 11:30 बजे तक और दोपहर 2:00 से रात 9:30 बजे तक खुलता है। भीड़ से बचने के लिए सुबह जल्दी या देर शाम का समय चुनें। पास चेकिंग के लिए सरकारी पहचान पत्र (Govt ID) साथ रखना न भूलें। मंदिर ट्रस्ट ने एंट्री को आसान बनाने के लिए सामान्य दर्शन और सुगम दर्शन पास की व्यवस्था की है। बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए गेट पर अलग (प्रायोरिटी) लेन की सुविधा उपलब्ध है।
| दर्शन की शिफ्ट | सबसे बेहतरीन समय | क्या है फायदा |
|---|---|---|
| सुबह 6:30 से 11:30 बजे | सुबह 6:30 से 8:00 बजे | मौसम सुहावना और सबसे कम भीड़ |
| दोपहर 2:00 से रात 9:30 बजे | रात 8:00 से 9:00 बजे | पीक आवर्स के बाद शांति से दर्शन |
राम की पैड़ी और घाटों के लिए एडवाइजरी: जानें आरती का स्टेटस
शाम के समय सरयू आरती आमतौर पर सूर्यास्त के वक्त यानी करीब 7:00 बजे शुरू होती है। हालांकि, नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए श्रद्धालुओं को ऊपरी प्लेटफॉर्म पर भेजा जा सकता है या सुरक्षा के लिहाज से अनुष्ठान को कुछ समय के लिए छोटा किया जा सकता है। बच्चों को पानी के किनारे से सुरक्षित दूरी पर रखें, संगम वाले इलाकों में भीड़ से बचें और बैठने की जगह के लिए मौके पर मौजूद कर्मचारियों की हिदायतों का पालन करें।
अयोध्या में सुरक्षित रास्ते, पार्किंग और रूट डायवर्जन की जानकारी
अपनी गाड़ियों को अमानीगंज या अन्य मल्टी-लेवल पार्किंग में पार्क करें। इसके बाद आगे के रास्ते के लिए ई-रिक्शा लें या आखिरी का एक किलोमीटर पैदल तय करें। राम पथ, भक्ति पथ और जन्मभूमि पथ को पैदल यात्रियों (पैदल कॉरिडोर) के लिए रखा गया है, इसलिए यहां निजी वाहनों की एंट्री बंद रहती है। निकलने से पहले अयोध्या पुलिस द्वारा जारी लाइव रूट डायवर्जन जरूर चेक कर लें और कोशिश करें कि सुबह 8:00 बजे से पहले पहुंच जाएं।
श्रद्धालुओं के लिए मौसम का हाल: अगले 48 से 72 घंटों में बारिश का अनुमान
मौसम विभाग (IMD) के अयोध्या बुलेटिन के अनुसार, आज आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और एक-दो बार गरज के साथ बारिश या बौछारें पड़ सकती हैं। फिलहाल जिले के लिए कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है। अपने साथ रेनकोट या छाता जरूर रखें, क्योंकि उमस बनी रह सकती है। अगर स्थानीय स्तर पर बारिश थमती भी है, तो भी ऊपरी इलाकों से पानी छोड़े जाने के कारण सरयू का जलस्तर बढ़ सकता है। इसलिए हर सुबह ताजा एडवाइजरी जरूर देखें।
इमरजेंसी में काम आने वाले ये नंबर्स अपने पास रखें: अयोध्या जिला EOC 05278‑222798; पुलिस इमरजेंसी 112; एम्बुलेंस 108; महिला हेल्पलाइन 181; चाइल्डलाइन 1098। नदी के जलस्तर का लाइव अपडेट जानने के लिए NDMA के 'सचेत' (SACHET) प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें और मौसम के लिए IMD की वेबसाइट देखें। घाटों पर जाने और आरती के समय की पुष्टि के लिए ट्विटर पर @ayodhya_police को फॉलो करें या निकलने से पहले EOC को फोन कर लें।



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