सावन झूला मेला और रक्षाबंधन के त्योहार के चलते अयोध्या के मुख्य रास्तों पर आज, सोमवार 24 अगस्त को सुबह 8 बजे से रात 11 बजे तक ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेगा। अगर देर रात तक भीड़ कम नहीं होती, तो पुलिस पाबंदियों को आगे भी बढ़ा सकती है। इसके बाद 27 अगस्त सुबह 8 बजे से 28 अगस्त रात 11 बजे तक फिर से रूट डायवर्जन रहेगा। इसलिए अगर आप अयोध्या जाने की सोच रहे हैं, तो रूट और टाइमिंग देखकर ही निकलें।
राम पथ, भक्ति पथ और जन्मभूमि पथ पर ट्रैफिक और सुरक्षा के सख्त नियम लागू किए गए हैं। भारी वाहनों का प्रवेश बंद कर दिया गया है और मंदिर के आसपास के इलाकों को नो-व्हीकल जोन बना दिया गया है। राम पथ पर ई-रिक्शा चलाने पर भी रोक है, इसलिए तय पार्किंग में वाहन खड़ा करके पैदल ही जाना होगा। प्रशासन ने 50 से ज्यादा पार्किंग स्थल बनाए हैं और भीड़ बढ़ने पर पाबंदियों को और कड़ा किया जा सकता है।

अयोध्या ट्रैफिक डायवर्जन: रूट और टाइमिंग
आम दिनों में रामलला के दर्शन सभी के लिए फ्री होते हैं। मंदिर ट्रस्ट अपनी आधिकारिक वेबसाइट के जरिए सुगम दर्शन, सामान्य दर्शन और आरती पास जारी करता है। 23 से 28 अगस्त के बीच भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए अधिकारियों ने संकेत दिया है कि आम एंट्री केवल पास धारकों तक ही सीमित रखी जा सकती है। ऐसे में आज यात्रा कर रहे हैं तो वैध पास और सरकारी फोटो आईडी साथ रखना न भूलें।
दर्शन पास और मंदिर जाने का सही समय
राम मंदिर में सुबह की आरती के बाद और शाम के समय सबसे ज्यादा भीड़ उमड़ती है, जबकि दोपहर में लाइनें थोड़ी छोटी हो जाती हैं। सुबह 6 बजे से पहले या दोपहर 2 से 4 बजे के बीच पहुंचने पर दर्शन में कम समय लगेगा। सावन झूला मेले के कारण आज लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। ध्यान रखें कि पास सिर्फ ट्रस्ट के आधिकारिक पोर्टल से ही बुक करें और पैसों के बदले "VIP" दर्शन कराने वाले एजेंटों के बहकावे में न आएं।
एंट्री गेट, पार्किंग और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी
दर्शनार्थी राम पथ पर स्थित सिंह द्वार या दशरथ महल की तरफ से प्रवेश कर सकते हैं, जहां से आगे एक ही सिक्योरिटी लाइन में जाना होगा। यहां सामान्य और सुगम या आरती पास धारकों के लिए अलग-अलग लाइनें बनाई गई हैं। अपना सामान रखने के लिए लॉकर और यात्री सुविधा केंद्र का इस्तेमाल करें और फिर पैदल आगे बढ़ें। गाड़ियां राम कथा पार्क या साइनबोर्ड लगी पार्किंग में ही पार्क करें, क्योंकि मंदिर का मुख्य इलाका केवल पैदल यात्रियों के लिए है।
क्या न ले जाएं और आईडी चेकिंग के नियम
सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं। राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा, "श्री राम जन्मभूमि परिसर में मोबाइल फोन के साथ प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।" इसके अलावा फूल-माला या प्रसाद ले जाने पर भी पाबंदी है। दर्शन पास के साथ मैच करता हुआ एक फोटो आईडी प्रूफ अपने पास रखें। ध्यान दें कि सभी दर्शन और आरती पास बिल्कुल मुफ्त हैं और केवल ट्रस्ट के ऑफिशियल पोर्टल पर ही मिलते हैं, इसलिए दलालों से दूर रहें।



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