मौसम विभाग (IMD) ने 12 और 13 सितंबर के लिए नया अलर्ट जारी किया है। इसके मुताबिक चारधाम यात्रा मार्गों पर गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। ऋषिकेश और उत्तरकाशी से जारी बुलेटिन में आज यात्रा बाधित होने की चेतावनी दी गई है। केदारनाथ और बद्रीनाथ मार्ग पर फिसलन, चट्टानें खिसकने और जगह-जगह ट्रैफिक जाम की समस्या आ सकती है। अगर आप आज या कल सफर पर निकलने वाले हैं, तो IMD का चारधाम नाउकास्ट और स्थानीय अलर्ट जरूर चेक कर लें। संवेदनशील इलाकों से गुजरते वक्त अपने साथ एक अतिरिक्त दिन का समय (बफर डे) लेकर ही निकलें।
सबसे ज्यादा खतरा उन पहाड़ी रास्तों पर है, जहां हाईवे कमजोर ढलानों से होकर गुजरते हैं। इस हफ्ते चमोली में 19 जगहों पर रास्ते बंद हुए, जिससे बद्रीनाथ मार्ग काफी प्रभावित हुआ। नेशनल हाईवे (NH-7) पर हेलंग, पातालगंगा, मैथाना, बिरही और गुलाबकोटी जैसे संवेदनशील इलाके शामिल हैं, जहां बार-बार लैंडस्लाइड होता रहता है। गंगोत्री मार्ग (NH-34) पर जारी निर्माण कार्य और पुरानी लैंडस्लाइड की वजह से बहुत सावधानी बरतने की जरूरत है। मलबे की सफाई के दौरान जगह-जगह गाड़ियों को कुछ देर रोका जा सकता है।

IMD का बारिश और लैंडस्लाइड अलर्ट: सुरक्षित सफर का समय और केदारनाथ ट्रैकिंग कट-ऑफ टाइम
खराब मौसम वाले इलाकों में जोखिम से बचने के लिए तड़के ही अपनी यात्रा शुरू करें। केदारनाथ ट्रैक की बात करें तो प्रशासन के आदेशानुसार सोनप्रयाग से दोपहर 1:00 बजे और गौरीकुंड से दोपहर 1:30 बजे के बाद यात्रियों को आगे जाने की अनुमति नहीं है। मौसम ठीक रहने पर रास्ते के गेट आमतौर पर सुबह करीब 4:00 बजे खोल दिए जाते हैं। अपने साथ रेनकोट और गर्म कपड़े जरूर रखें। अगर अधिकारी वापस लौटने या रुकने का निर्देश दें, तो तुरंत उनका पालन करें।
केदारनाथ-बद्रीनाथ रूट की सड़क का हाल: जानें कहां लग सकता है जाम
| रूट / सेक्शन | आज क्यों है खतरा |
|---|---|
| NH‑7: रुद्रप्रयाग–चमोली (हेलंग, पातालगंगा, मैथाना, बिरही, गुलाबकोटी) | संवेदनशील लैंडस्लाइड जोन; बारिश के बाद मलबा हटाने में समय लगता है। |
| सोनप्रयाग–गौरीकुंड लिंक रोड | संकरा रास्ता और मलबे का खतरा; सफाई कार्य के दौरान गाड़ियां रोकी जाती हैं। |
| NH‑34: धरासू–उत्तरकाशी–गंगोत्री | पहाड़ कटाई और रोड अपग्रेड का काम जारी; बारिश के समय सावधानी जरूरी। |
चारधाम ई-पास चेकिंग, रजिस्ट्रेशन और डेली स्लॉट की जानकारी
चारधाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। चेक पोस्ट पर आपके यात्रा रजिस्ट्रेशन लेटर का QR कोड स्कैन करके ही एंट्री दी जाती है। आप आधिकारिक पोर्टल या ऐप के जरिए रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं और अपने फोन में SMS या PDF फाइल जरूर रखें। भीड़ वाले दिनों में सोनप्रयाग और अन्य प्रमुख केंद्रों पर ऑफलाइन काउंटर भी चलाए जाते हैं। किसी भी मदद के लिए आधिकारिक पोर्टल पर जारी टूरिस्ट केयर हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।
अगर हेलीकॉप्टर सेवा रुकी तो क्या करें: रिफंड, रीबुकिंग और ठहरने की व्यवस्था
खराब मौसम की वजह से केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं अचानक रोकी जा सकती हैं। IRCTC हेलीयात्रा (HeliYatra) के मुताबिक, अगर ऑपरेटर की तरफ से उड़ान रद्द की जाती है, तो 5 से 7 कार्य दिवसों के भीतर पूरा रिफंड मिल जाता है। मौसम खराब होने पर ऑपरेटर अक्सर सुबह तक ही उड़ानों पर फैसला लेते हैं। मौसम साफ होने तक गुप्तकाशी, फाटा या सोनप्रयाग में रुकें। वहीं बद्रीनाथ यात्रियों के लिए जोशीमठ या बद्रीनाथ धाम में ठहरना बेहतर विकल्प है।
दर्शन का समय, ठहरने की जगहें और जरूरी हेल्पलाइन नंबर
गंगोत्री और बद्रीनाथ में सुबह के दर्शन जल्दी शुरू हो जाते हैं, बीच में पूजा-अनुष्ठान के लिए ब्रेक होते हैं। सितंबर महीने के सटीक समय के लिए स्थानीय स्तर पर जानकारी ले लें। ताजा अपडेट के लिए IMD के चारधाम नाउकास्ट, उत्तराखंड टूरिज्म हेल्पलाइन, USDMA के 1070 और उत्तराखंड ट्रैफिक पुलिस के व्हाट्सएप नंबर 7300702033 पर नजर रखें। इसके अलावा, केदारनाथ रूट पर रहते हुए रुद्रप्रयाग के जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (District Emergency Operation Centre) का संपर्क नंबर भी अपने पास सेव रखें।



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