भारी बारिश के कारण रुकी हुई चारधाम यात्रा आज 22 जुलाई से एक बार फिर शुरू हो गई है। प्रशासन ने शुरुआती जत्थों के लिए सुबह 07:00 से 09:00 बजे के बीच रुक-रुक कर (staggered) प्रस्थान की अनुमति दी है। यह कदम श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मंदिरों के पास सड़कों पर लगने वाले जाम को कम करने के लिए उठाया गया है। उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में अपनी दैनिक यात्रा शुरू करने से पहले यात्री स्थानीय चेक-पोस्ट पर जानकारी जरूर ले लें।
पुलिस भूस्खलन वाले संवेदनशील इलाकों में जाम रोकने के लिए काफिलों की आवाजाही पर पैनी नजर रख रही है। इस बीच, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले तीन दिनों के लिए बारिश का नया अलर्ट जारी किया है। यात्रा के समय में किए गए इन बदलावों से सड़क कर्मियों को दिन के उजाले में मलबा साफ करने में मदद मिलती है। इन अपडेट्स को फॉलो करके आप घंटों लंबे ट्रैफिक जाम में फंसने से बच सकते हैं।

चारधाम यात्रा फिर शुरू: अब नए टाइम स्लॉट के साथ रवाना होंगे श्रद्धालु
ऋषिकेश से बद्रीनाथ नेशनल हाईवे (NH) पर भारी बारिश की वजह से अक्सर पत्थर गिरने का खतरा बना रहता है। जोशीमठ के पास कई ऐसे हिस्से हैं जहां सक्रिय मानसून के दौरान अचानक भूस्खलन हो सकता है। फंसे हुए तीर्थयात्रियों की सहायता के लिए विभिन्न ट्रांजिट हब पर विशेष सुरक्षा टीमें तैनात की गई हैं। यदि सड़कें बंद होती हैं, तो रात में रुकने के लिए इमरजेंसी शेल्टर की लिस्ट अपने पास जरूर रखें।
| रूट का नाम | मौजूदा स्थिति | यात्रा के लिए सुरक्षित समय |
|---|---|---|
| ऋषिकेश से केदारनाथ | आंशिक रूप से खुला | सुबह 07:00 से शाम 17:00 बजे तक |
| जोशीमठ से बद्रीनाथ | सिंगल लेन | सुबह 08:00 से शाम 16:00 बजे तक |
| हरिद्वार से गंगोत्री | खुला | पूरे दिन |
केदारनाथ और बद्रीनाथ दर्शन के समय में बदलाव: ताजा अपडेट
श्रद्धालुओं के अलग-अलग समय पर पहुंचने को देखते हुए श्राइन बोर्ड ने आज दर्शन के समय में संशोधन किया है। केदारनाथ जाने वाले यात्रियों के लिए बेस कैंप पर हर घंटे मौसम की ताजा जानकारी (nowcasts) दी जा रही है, जिसे ट्रैक करना अनिवार्य है। बद्रीनाथ मंदिर में प्रवेश जारी है, लेकिन यह पहाड़ों पर दृश्यता (visibility) की स्थिति पर निर्भर करेगा। ऊंचाई वाले इलाकों में रुकने की नौबत आने पर अपने साथ गर्म कपड़े और जरूरी दवाएं जरूर रखें।
रिफंड और रीबुकिंग की सुविधा: यात्रियों को बड़ी राहत
हालिया देरी से प्रभावित यात्रियों को कई ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स पूरा रिफंड दे रहे हैं। ज्यादातर बड़ी एयरलाइंस और बस सेवाएं अगले 72 घंटों के लिए मुफ्त रीबुकिंग की सुविधा दे रही हैं। हेलीपैड या बस स्टैंड के लिए निकलने से पहले अपने डिजिटल टिकट का स्टेटस जरूर चेक कर लें। सड़कों की सफाई और ताजा शेड्यूल की सटीक जानकारी के लिए स्थानीय हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें।
जुलाई के इस मौसम में हिमालय के अनिश्चित मौसम को देखते हुए सही प्लानिंग बेहद जरूरी है। पहाड़ों पर बारिश के दौर में कुछ ही मिनटों में सड़क के हालात बदल जाते हैं। सुरक्षा के लिहाज से जब भी अधिकारी काफिले को रोकें, तो हमेशा सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त शेल्टर में ही ठहरें। इन आधिकारिक अपडेट्स का पालन करने से आपकी आध्यात्मिक यात्रा सुरक्षित और सुखद रहेगी।



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