उत्तराखंड में लगातार भारी बारिश और जगह-जगह हुए लैंडस्लाइड की वजह से आज यानी रविवार, 6 सितंबर की सुबह चारधाम यात्रा रोक दी गई है। जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा समीक्षा पूरी होने तक केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम जाने वाले तीर्थयात्रियों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। अधिकारियों के मुताबिक, यात्रा मार्गों पर जगह-जगह रास्ते बंद हैं और आगे जाना जानलेवा साबित हो सकता है। शनिवार शाम तक के आंकड़ों के अनुसार, मलबे और चट्टानें गिरने से राज्य भर की करीब 136 सड़कें बंद थीं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि जब तक यात्रा दोबारा शुरू करने का आधिकारिक संदेश न आ जाए, वे सुरक्षित बेस टाउन में ही बने रहें।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज भी उत्तराखंड में बारिश के नए दौर की संभावना जताई है। हालांकि, सुबह 10 बजे जारी चारधाम सेक्टर के नाउकास्ट (Nowcast) में ऋषिकेश से रुद्रप्रयाग समेत कई रूटों पर कोई चेतावनी नहीं (NIL warning) थी। इसके बावजूद, हिमालयी क्षेत्रों में मौसम पलक झपकते बदल जाता है, इसलिए इसे यात्रा की हरी झंडी न समझें। प्रशासन की टीमें दिनभर स्थिति पर नजर रखेंगी। अगर आप दिल्ली-एनसीआर से निकलने का मन बना रहे हैं, तो नई एडवाइजरी आने तक अपनी यात्रा टाल दें।

चारधाम यात्रा का स्टेटस और सुरक्षित पड़ाव
श्रद्धालु जहां हैं, वहीं सुरक्षित जगहों पर ही रुकें। अगर आप मैदानी इलाके में हैं तो ऋषिकेश या हरिद्वार में ही ठहरें। वहीं पहाड़ों में रुकने के लिए गुप्तकाशी, श्रीनगर गढ़वाल या उत्तरकाशी जैसे सुरक्षित पड़ावों को चुनें। पहाड़ी रास्तों पर रात के वक्त गाड़ी चलाने से बिल्कुल बचें। रास्तों के खुलने का अपडेट पाने के लिए इन मुख्य मार्गों पर नजर बनाए रखें: ऋषिकेश-रुद्रप्रयाग-केदारनाथ, जोशीमठ-बद्रीनाथ और उत्तरकाशी-गंगोत्री या यमुनोत्री। कल राज्य में कई जगह सड़कें बंद रहीं, इसलिए मौसम की खराबी की वजह बताते हुए अपनी होटल या ट्रांसपोर्ट बुकिंग में बदलाव का अनुरोध करें। सफर शुरू करने से पहले जिला कंट्रोल रूम और आधिकारिक वेबसाइटों से रूट का सही स्टेटस जरूर जांच लें।
चारधाम रजिस्ट्रेशन री-शेड्यूल और ई-पास का तरीका
जिन तीर्थयात्रियों ने पहले से रजिस्ट्रेशन करा रखा है, उन्हें नए सिरे से आवेदन करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। वे आसानी से अपनी यात्रा की तारीखें बदल सकते हैं। इसके लिए 'Tourist Care Uttarakhand' पोर्टल पर लॉगिन करें। इसके बाद 'Manage Tour' वाले सेक्शन में जाकर 'View or Modify' का विकल्प चुनें और खाली मौजूद स्लॉट के अनुसार मंदिर दर्शन की नई तारीख चुन लें। बदलाव के बाद QR कोड वाला नया रजिस्ट्रेशन लेटर जरूर डाउनलोड कर लें। यात्रा के दौरान ऑन-ग्राउंड जांच के लिए अपना असली फोटो आईडी कार्ड साथ रखें। सहायता के लिए 'टूरिस्ट केयर' की हेल्पलाइन या टोल-फ्री नंबर पर कॉल कर सकते हैं। कॉल करते समय अपना बुकिंग रेफरेंस नंबर तैयार रखें।
चारधाम में हेलीकॉप्टर सेवा और दर्शन की टाइमिंग
चारधाम के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं पूरी तरह मौसम के साफ होने पर ही निर्भर करेंगी। इस बारे में केवल अधिकृत ऑपरेटरों के मैसेज और IRCTC के आधिकारिक 'HeliYatra' पोर्टल पर दी गई जानकारी पर ही भरोसा करें। बुजुर्गों, बच्चों और किसी बीमारी से पीड़ित लोगों को सलाह दी जाती है कि जब तक प्रशासन यात्रा के लिए पूरी तरह हरी झंडी न दे दे, तब तक अपनी यात्रा स्थगित रखें। बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) के संभावित समय की बात करें तो केदारनाथ धाम में दर्शन सुबह 6 बजे से दोपहर 3 बजे तक और शाम 5 बजे से 7:30 बजे तक होते हैं। वहीं, बद्रीनाथ धाम में दर्शन का समय सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक और शाम 4 बजे से रात 9 बजे तक रहता है। मौसम सुधरते ही सभी सेवाएं फिर से शुरू कर दी जाएंगी।



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